ब्रह्मांड के रहस्यों को सुलझाने में IIT जोधपुर निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका

  • IIT जोधपुर बना CERN के प्रतिष्ठित CMS Collaboration का फुल मेंबर
  • Large Hadron Collider के माध्यम से Higgs Boson जैसी खोजों का बनेगा हिस्सा
  • AI-ML से होगा डेटा विश्लेषण

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),ब्रह्मांड के रहस्यों को सुलझाने में IIT जोधपुर निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका। एक ब्रह्मांड,एक वैश्विक प्रयास। एक नई शुरुआत,भारत की वैज्ञानिक एवं अनुसंधान यात्रा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में Indian Institute of Technology Jodhpur (IIT Jodhpur) अब CERN,Geneva (Switzerland) की प्रतिष्ठित CMS (Compact Muon Solenoid) Collaboration का Full Member बन गया है।

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दुनिया की सबसे बड़ी प्रयोगशाला से जुड़ा IIT जोधपुर
CERN दुनिया की सबसे बड़ी Particle Physics Laboratory है,जहां Large Hadron Collider (LHC) स्थापित है। यह दुनिया का अब तक का सबसे शक्तिशाली Particle Accelerator है, जिसके माध्यम से वैज्ञानिक ब्रह्मांड की उत्पत्ति,पदार्थ की मूल संरचना तथा प्रकृति के मौलिक नियमों को समझने का प्रयास करते हैं।

इस प्रतिष्ठित सदस्यता के साथ IIT Jodhpur अब दुनिया के चुनिंदा विश्वविद्यालयों और अग्रणी शोध संस्थानों के उस अंतरराष्ट्रीय समूह का हिस्सा बन गया है,जो मानवता के सबसे महत्व पूर्ण वैज्ञानिक प्रश्नों के उत्तर खोजने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। इनमें प्रमुख प्रश्न हैं-ब्रह्मांड किससे बना है? इसकी शुरुआत कैसे हुई? और सबसे छोटे मूलभूत कण कौन-से हैं?

Higgs Boson की खोज से जुड़ा है CMS प्रयोग
CMS (Compact Muon Solenoid), CERN के Large Hadron Collider का एक प्रमुख वैज्ञानिक प्रयोग है। वर्ष 2012 में इसी प्रयोग के माध्यम से वैज्ञानिकों ने Higgs Boson की ऐतिहासिक खोज की थी,जिसे लोकप्रिय रूप से “God Particle” भी कहा जाता है। इसे 21वीं सदी की सबसे बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धियों में से एक माना जाता है।

AI-ML से होगा डेटा विश्लेषण
अब Full Member बनने के बाद IIT Jodhpur के वैज्ञानिक CMS Collaboration के दीर्घकालिक वैज्ञानिक कार्यक्रमों में सीधे भाग लेंगे। संस्थान के शोधकर्ता Particle Physics के अत्याधुनिक अनुसंधान, नई पीढ़ी की Detector Technologies के विकास तथा Large Hadron Collider में होने वाली Particle Collisions से प्राप्त विशाल डेटा के विश्लेषण के लिए Artificial Intelligence (AI) और Machine Learning (ML) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग करेंगे।

Dr.Lata Panwar और Dr.Jitendra Kumar करेंगे नेतृत्व
IIT Jodhpur में इस CMS Programme का नेतृत्व संस्थान के संकाय सदस्य Dr. Lata Panwar एवं Dr. Jitendra Kumar करेंगे। दोनों वैज्ञानिक CERN की विश्वप्रसिद्ध ATLAS, ALICE और CMS Collaborations के साथ शोध कार्य कर चुके हैं तथा Experimental Particle Physics के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे चुके हैं।

उनके उत्कृष्ट वैज्ञानिक योगदान को वर्ष 2025 में Breakthrough Prize in Fundamental Physics से भी सम्मानित किया गया था। यह प्रतिष्ठित सम्मान CERN के Large Hadron Collider Collaborations से जुड़े वैज्ञानिकों को प्रदान किया गया था।

भारत की वैज्ञानिक क्षमता को वैश्विक पहचान- निदेशक
इस अवसर पर IIT Jodhpur के निदेशक Prof.Avinash Kumar Agarwal ने कहा,CERN की CMS Collaboration का Full Member बनना IIT Jodhpur के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह हमारी वैज्ञानिक उत्कृष्टता,अनुसंधान क्षमताओं और अग्रणी खोजों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस सदस्यता से हमारे शोधकर्ता विश्वस्तरीय वैज्ञानिकों के साथ मिलकर मानव ज्ञान की सीमाओं को आगे बढ़ाने तथा भविष्य की महत्वपूर्ण वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकीय खोजों में योगदान करने का अवसर प्राप्त करेंगे। यह भारत की वैज्ञानिक क्षमता को वैश्विक मंच पर और भी मजबूत बनाता है।

Dr. Jitendra Kumar एवं Dr. Lata Panwar ने इस उपलब्धि के लिए Prof. Avinash Kumar Agarwal के दूरदर्शी नेतृत्व एवं निरंतर सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन और संस्थान में Frontier Research को लेकर प्रोत्साहन के कारण ही IIT Jodhpur को CMS Collaboration की सदस्यता प्राप्त हो सकी।

CERN से निकला है World Wide Web
CERN केवल Particle Physics के क्षेत्र में ही नहीं,बल्कि तकनीकी नवाचारों के लिए भी विश्वभर में जाना जाता है। World Wide Web (WWW) का विकास भी CERN में ही हुआ था। यह इस बात का महत्वपूर्ण उदाहरण है कि मूलभूत वैज्ञानिक अनुसंधान किस प्रकार ऐसी तकनीकों को जन्म देता है जो पूरी दुनिया और मानव जीवन को बदल देती हैं।

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के साथ IIT Jodhpur ने वैश्विक Frontier Science के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाई है। अब संस्थान विश्वभर के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर ब्रह्मांड के सबसे गहरे रहस्यों को समझने तथा ज्ञान और मानवता के भविष्य को नई दिशा देने वाली खोजों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।