सशक्तीकरण का आधार है स्वस्थ नारी-पटेल
- सक्षम नारी,स्वस्थ बचपन,समृद्ध राजस्थान
- राज्य स्तरीय कार्यक्रम से जोधपुर भी जुड़ा
- मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं ग्राम साथिनों को दिया रक्षाबंधन का उपहार
- आशा सहयोगिनियों के मानदेय में 10 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा
- विभिन्न योजनाओं में 74 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),सशक्तीकरण का आधार है स्वस्थ नारी-पटेल। ‘सक्षम नारी,स्वस्थ बचपन, समृद्ध राजस्थान’ की संकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से शनिवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, झालाना डूंगरी,जयपुर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ।
डॉक्टर्स ने सुनाए एक से बढ़कर एक नगमे
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं,सहायिकाओं एवं ग्राम साथिनों को रक्षाबंधन के उपहार स्वरूप प्रति लाभार्थी 1100 रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की। इस अवसर पर कुल 14.65 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई तथा आशा सहयोगिनियों के मानदेय में 10 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा की गई।
राज्य स्तरीय समारोह में विभिन्न योजनाओं के तहत 74 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई। इनमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं,सहायिकाओं एवं साथिनों के लिए यूनिफॉर्म,आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सीबीई एवं डाटा प्लान,प्रधान मंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री मातृत्व पोषण योजना एवं लाडो प्रोत्साहन योजना की राशि शामिल है।
मुख्यमंत्री ने राज्य के 27 आकांक्षी ब्लॉक्स में किशोरी बालिका योजना का शुभारंभ किया जिसके तहत जोधपुर जिले के शेरगढ़ ब्लॉक में किशोरी बालिका योजना शुरू की गई तथा मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत लाभार्थियों को प्रतीकात्मक ऋण चेक सौंपे। इस अवसर पर कैश प्लस मॉडल व्यवहार परिवर्तन रणनीति से संबंधित पुस्तक,मातृ एवं शिशु पोषण पर आधारित सफलता की कहानियों की संग्रह पुस्तिका,आंगन बाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए बच्चों के विकास में देरी एवं दिव्यांग बच्चों में संकेतकों की पहचान से संबंधित मार्गदर्शिका तथा ‘नव चेतना’ हैंडबुक का विमोचन भी किया गया।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जिला, ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर किया गया। जोधपुर में जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स, रेजीडेंसी रोड,रातानाडा में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संसदीय कार्य,विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगा राम पटेल थे। इस दौरान एलईडी स्क्रीन एवं ऑडियो-विजुअल माध्यम से राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया।
उपस्थित प्रतिभागियों ने मुख्यमंत्री द्वारा डीबीटी हस्तांतरण,विभिन्न घोषणाओं,योजनाओं के शुभारंभ एवं पुस्तकों के विमोचन सहित कार्यक्रम की गतिविधियों का लाइव प्रसारण देखा एवं सुना।
मुख्य अतिथि जोगाराम पटेल ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति का आकलन उसकी नारी शक्ति की स्थिति से किया जा सकता है। समाज के संपूर्ण एवं संतुलित विकास की आधारशिला नारी शक्ति के सशक्तीकरण में निहित है और इस सशक्तीकरण का सबसे महत्वपूर्ण आयाम है,नारी का स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन।
उन्होंने कहा कि एक शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ मां ही स्वस्थ शिशु को जन्म दे सकती है और स्वस्थ मां, स्वस्थ बचपन तथा स्वस्थ परिवार मिलकर ही एक सशक्त समाज और समृद्ध प्रदेश की नींव रखते हैं। इसी उद्देश्य को केंद्र में रखते हुए राज्य सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को अधिक सुविधायुक्त, सुदृढ़,आधुनिक एवं बाल एवं मातृ हितैषी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
पटेल ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केवल योजनाओं को लागू करने वाली कार्यकर्ता नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की महत्वपूर्ण वाहक हैं। उन्होंने कहा कि गांव-ढाणी तक पहुंचकर आंगनबाड़ी बहनों ने जिस संवेदन शीलता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ महिलाओं एवं बच्चों की सेवा की है,वह वास्तव में अनुकरणीय है। सामाजिक रूढ़ियों एवं भ्रांतियों के विरुद्ध जागरूकता का संदेश घर-घर तक पहुंचाने तथा महिलाओं को स्वास्थ्य,पोषण एवं स्वच्छता के प्रति सजग बनाने में इन बहनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।
उन्होंने कहा कि आज की नारी अबला नहीं,बल्कि आत्मविश्वास,सामर्थ्य और संकल्प से परिपूर्ण सबला नारी है और इस परिवर्तन की यात्रा में आंगनबाड़ी बहनों का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे इसी सेवाभाव,संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करती रहें। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं और कल्याणकारी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में आपकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। आपकी मेहनत का परिणाम केवल आंकड़ों में नहीं,बल्कि स्वस्थ बच्चों की मुस्कान, जागरूक माताओं के आत्मविश्वास और सशक्त परिवारों के रूप में दिखाई देता है।
उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार आंगनबाड़ी बहनों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उनके सुझावों एवं आवश्यकताओं को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
पटेल ने कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करते हुए उनके अनुभवों एवं सुझावों को सुना। संवाद में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु भोजन में बाजरा जैसे पोषक श्रीअन्न को शामिल करने, गुड़ के उपयोग को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण एवं सकारात्मक सुझाव प्राप्त हुए। पटेल ने इन सुझावों को संबंधित स्तर तक पहुंचाकर इनके प्रभावी क्रियान्वयन का आश्वासन दिया।
उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जोधपुर ने पोषण माह,पोषण पखवाड़े में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का गौरव बढ़ाया है। यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति या संस्था के प्रयास का परिणाम नहीं,बल्कि विभागीय अधिकारियों, कार्मिकों और आंगनबाड़ी बहनों की सामूहिक मेहनत,समर्पण एवं उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रतिफल है।
उन्होंने कहा कि धरातल पर पूरी निष्ठा से कार्य कर रही आंगनबाड़ी बहनों के प्रयासों से महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में निरंतर सकारात्मक बदलाव आ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इसी ऊर्जा, प्रतिबद्धता और सामूहिक सहभागिता के साथ जोधपुर भविष्य में भी नई उपलब्धियां अर्जित करेगा।
कार्यक्रम में जीव-जंतु कल्याण एवं संरक्षण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह बिश्नोई,शहर विधायक अतुल भंसाली,छोटू सिंह राठौड़,ओमप्रकाश दैया, खींवराज जांगिड़,राजेश कच्छवाह,श्याम खीचड़, जिला कलक्टर आलोक रंजन,मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद आशीष कुमार मिश्रा, उपनिदेशक महिला बाल विकास विभाग जोधपुर रावत कड़वासरा, उपनिदेशक महिला अधिकारिता विभाग फरसा राम विश्नोई सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक,संबंधित अधिकारी,कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता,सहायिकाएं उपस्थित थीं।
जिला स्तरीय कार्यक्रम में सभी अतिथियों द्वारा समुदाय आधारित गतिविधि गोदभराई की रस्म,उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों,आंगन बाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
