विश्व धरोहर दिवस पर स्टेशन के बाहर रखा इंजन बना खास आकर्षण

  • रंग-बिरंगी रोशनी से सजा ऐतिहासिक इंजन
  • पर्यटकों ने ली सेल्फि

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),विश्व धरोहर दिवस पर स्टेशन के बाहर रखा इंजन बना खास आकर्षण। विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर जोधपुर रेलवे स्टेशन के बाहर स्थापित ऐतिहासिक स्टीम लोकोमोटिव 120 जेडबी ने एक बार फिर शहरवासियों और पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। भारतीय रेल की समृद्ध विरासत का प्रतीक यह इंजन शनिवार को पूरे दिन आकर्षण का केंद्र बना रहा।

नैरो गेज (2 फीट 6 इंच) का यह भाप इंजन इस तरह सुसज्जित है कि मानो आज भी पटरियों पर दौड़ने को तैयार हो। इंजन के अग्रभाग पर बना सूर्य चिन्ह जोधपुर की ‘सूर्यनगरी’ की पहचान को जीवंत करता है। वर्ष 2002 में भारतीय रेल के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इसे यहां स्थापित किया गया था। देशभर में संरक्षित विरासत इंजनों में इसका विशेष स्थान माना जाता है।

यह इंजन यूरोप की कंपनी डुरो डेकोविक (पूर्व यूगोस्लाविया) में निर्मित हुआ था और कभी नैरो गेज ट्रैक पर नियमित रूप से संचालित होता था,आज यह स्थान पर्यटकों के लिए लोकप्रिय सेल्फी पॉइंट बन चुका है। बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचकर तस्वीरें लेते हैं और भारतीय रेल के स्वर्णिम अतीत को करीब से महसूस करते हैं।

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शनिवार को विश्व धरोहर दिवस के मौके पर रेलवे द्वारा इस ऐतिहासिक इंजन को रंग-बिरंगी रोशनी से विशेष रूप से सजाया गया। इस दौरान वहां पहुंचे यात्री उत्साहित नजर आए और इस ऐतिहासिक धरोहर के साथ तस्वीरें कैद करते दिखाई दिए।

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