डॉ.सिंघल व डॉ.नीतू के बाल स्वास्थ्य उपकरण को डिजाइन पेटेंट
आयुर्वेद विवि को बड़ी उपलब्धि
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),डॉ.सिंघल व डॉ.नीतू के बाल स्वास्थ्य उपकरण को डिजाइन पेटेंट। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय ने आयुर्वेदिक बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। कौमारभृत्य के विभागाध्यक्ष प्रो.डॉ.हरीश कुमार सिंघल और डॉ.नीतू के नवाचार “AYURVEDIC PEDIATRIC HEALTH ASSESSMENT AND CARE SUPPORT DEVICE” को भारत सरकार के बौद्धिक संपदा कार्यालय से डिजाइन पेटेंट मिला है।
पेटेंट कार्यालय ने डिजाइन संख्या 490864-001 के तहत 12 फरवरी 202 को पंजीकरण किया। प्रमाण पत्र 4 जून 2026 को जारी हुआ। डॉ.सिंघल ने बताया कि यह उपकरण बच्चों के समग्र स्वास्थ्य परीक्षण, विकासात्मक मूल्यांकन, पोषण स्थिति,व्यवहारिक अवलोकन व आयुर्वेदिक संकेतकों के वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए बनाया गया है। यह पारंपरिक आयुर्वेद और आधुनिक स्वास्थ्य प्रबंधन का समन्वय है।
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उन्होंने कहा कि पोषण संबंधी समस्याएं,न्यूरो- डेवलपमेंटल डिसऑर्डर, स्क्रीन एक्सपोजर से जुड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों के दौर में ऐसे वैज्ञानिक उपकरण जरूरी हैं। यह डिवाइस चिकित्सकों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रारंभिक पहचान और समयबद्ध प्रबंधन में मदद करेगा।
शोध,शिक्षण,क्लीनिकल प्रैक्टिस और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं में भी उपयोगी होगा। कुलगुरु प्रो.वैद्य गोविंद सहाय शुक्ल ने कहा कि यह पेटेंट विश्वविद्यालय के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को नई पहचान देगा। आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर नई दिशा मिलेगी। प्राचार्य,अधिष्ठाता, संकाय सदस्यों और शोधार्थियों ने इसे गौरवपूर्ण क्षण बताया। डॉ.सिंघल ने सफलता का श्रेय गुरुजनों,सहकर्मियों और परिवार को दिया।
