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निजी अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही से युवक का पैर काटना पड़ा

अपंगता का जीवन जीने पर मजबूर -केस दर्ज

जोधपुर,शहर के बासनी औद्योगिक क्षेत्र की एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों एवं प्रबंधन के खिलाफ इलाज में कोताही बरते जाने और युवक को अपंग किए जाने का केस बासनी थाने में दर्ज हुआ है। युवक की मां ने कोर्ट में इस्तगासा दायर कर बासनी थाने में नामजद डॉक्टरों के खिलाफ रिपोर्ट दी है। पुलिस ने इसमें अब अनुसंधान आरंभ किया है।

बासनी पुलिस ने बताया कि घटना के संबंध में एच सेक्टर यूआईटी कॉलोनी निवासी इंदू बाला पत्नी घनश्याम सैनी ने रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि उसका पुत्र जयेश सैनी गत 16 अगस्त को डायरेक्टर ऑफ टेक्रिकल एजुकेशन कार्यालय से निकल कर अपनी स्कूटी से वीरदुर्गादास ओवर ब्रिज से घर की तरफ आ रहा था। तब ओवरब्रिज के समीप एक ट्रक चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए उसके पुत्र जयेश के टक्कर मार दी थी। जिस पर उसके पुत्र के बायें पैर में गंभीर चोट लगने पर मथुरादास माथुर अस्पताल ले जाया गया था। बेटे की दुर्घटना की जानकारी अन्य लोगों से उसे मिली थी।

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रिपोर्ट में बताया कि उसके पुत्र का बायां पैर फ्रेक्चर हो गया था। तब वह अपने पुत्र जयेश को लेकर बासनी औद्योगिक क्षेत्र स्थित निजी अस्पताल मेडिपल्स लेकर आई। 17 अगस्त को अस्पताल के एक डॉक्टर राहुल ने बताया कि बेटे के पैर में तीन फ्रेक्चर हैं। इस पर 18 अगस्त को ऑपरेशन का बोला गया। मगर पीडि़ता ने कहा कि वह पेमेंट आरजीएचएस योजना के तहत करेंगी। इस पर अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि वह इसका पेमेंट पहले कर दें बाद में योजना से पेमेंट उठा लेना।

इस पर अस्पताल में पेमेंट को जमा करवाया गया। 18 की शाम को उसके पुत्र का ऑपरेशन किया गया और 20 को छुट्दी दे दी गई। मगर घर आने पर उसके पैरों में सूजन के साथ रक्तस्त्राव रूकने से वह एक जगह पर काला पडऩा शुरू हो गया। कोई हलचल भी पैर मेें नहीं हो रही थी। तब पुन: अस्पताल में दिखाया गया। तब अन्य डॉक्टर ने फिर से ऑपरेशन की बात की और रकम जमा करवाई गई। डॉक्टर ने बताया कि उसके पुत्र का ऑपरेशन या इलाज किसी जानकार से करवाएं। यहां अस्पताल में सुविधा नहीं है,उसे लेकर अहमदाबाद जाएं।

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रिपोर्ट में बताया कि उसके पुत्र जयेश को बाद में अहमदाबाद लेकर गए। मगर यहां पर पैर को काटना पड़ा। आरोप है कि मेडिपल्स अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही से उसके पुत्र का पैर काटना पड़ा और वह अपंगता का जीवन जीने को विवश हुआ है। कोर्ट से मिले इस्तगासे पर बासनी पुलिस ने मामला दर्ज किया है। इसमें अब अग्रिम अनुसंधान किया जा रहा है।

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