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लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था की आत्मा है संविधान-जस्टिस माथुर

संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर अधिवक्ता परिषद का आयोजन

जोधपुर,राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश कुलदीप माथुर ने कहा कि भारतीय संविधान लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था की आत्मा है। राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण करने के लिए देश के सभी नागरिकों को संवैधानिक मूल्य अंगीकार करने होंगे। उन्होंने संविधान प्रदत्त समानता के अधिकार की पब्लिक एम्प्लोयमेंट के सम्बन्ध में विस्तार से व्याख्या की। जस्टिस माथुर शुक्रवार शाम अधिवक्ता परिषद की ओर से संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर लघु उद्योग भारती सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि संविधान का संविधान भारतीय दर्शन एवं वैदिक चिंतन से प्रेरित है। इसीलिए पूरी दुनिया में इसे एक जीवंत दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाता है। संविधान में अब तक हुए 135 संशोधन इसके जीवंत होने का परिचायक हैं।भारतीय संविधान ने समय के अनुरूप खुद को विकसित किया है। उन्होंने संविधान को भारतीय जनमानस का प्रतिबिंब बताया।

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जस्टिस माथुर ने कहा कि संविधान निर्मात्री सभा ने हर एक संवैधानिक प्रावधान को खूब विचार-विमर्श और व्यावहारिक अध्ययन के बाद लिखित संविधान का हिस्सा बनाया है। न्यायपालिका ने समय-समय पर इसे और विस्तार एवं विकास देने का कार्य किया। जिससे संविधान का वर्तमान सर्वग्राह्य स्वरूप बनकर सामने आया है। न्यायाधीश माथुर ने संविधान के विभिन्न अनुच्छेदों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए पब्लिक एम्प्लोयमेंट में संविधान की भूमिका के सम्बन्ध में विस्तार से विचार रखे।

इस अवसर पर ख्यात उद्यमी एवं समाजसेवी प्रकाश जीरावला ने कहा कि भारतीय संविधान को अपनाकर ही भारत देश आगे बढ़ सकता है। उन्होंने आम नागरिक के जीवन में संविधान की भूमिका पर बात रखी।

कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुई। बाद में अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के प्रांत मंत्री श्याम पालीवाल ने स्वागत भाषण किया। परिषद की महानगर इकाई के संयोजक पीएस चूण्डावत ने आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता परिषद के महानगर महामंत्री देवकीनन्दन व्यास ने किया।

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इस अवसर पर राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नाथूसिंह राठौड़,राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि भंसाली, पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता कांतिलाल ठाकुर व एसएस लदरेचा, परिषद के प्रांत उपाध्यक्ष दीपक चौधरी व नूपुर भाटी, प्रांत कोषाध्यक्ष कमलेश रावल, महानगर महामंत्री राजेश भाटी,अधिवक्ता विवेक श्रीमाली,मोतीसिंह राजपुरोहित, चन्द्रशेखर कोटवानी,प्रतिष्ठा दवे, मुकेश रावल,अजय व्यास, सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता सम्मिलित हुए।

अधिवक्ता न्याय व्यवस्था की धुरी

कार्यक्रम के दौरान जस्टिस कुलदीप माथुर ने अधिवक्ताओं को न्याय व्यवस्था की धुरी बताया। उन्होंने कहा कि न्यायाधीश भी आमजन तक न्याय पहुंचाने की संवैधानिक व्यवस्था में अधिवक्ता-समूह का प्रतिनिधि ही होता है। उन्होंने बार और बैंच को अभिन्न बताया।

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