Doordrishti News Logo

मुकदमा लंबित रहने तक अंतिम वेतन देने के आदेश

हाईकोर्ट का श्रमिक के हक में फैसला

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),मुकदमा लंबित रहने तक अंतिम वेतन देने के आदेश। राजस्थान उच्च न्यायालय ने श्रमिक के हित में महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए न्यूवोको विस्तास कॉर्पोरेशन लिमिटेड (निंबोल) को श्रमिक भगवान सिंह को औद्योगिक विवाद अधिनियम,1947 की धारा 17-बी के तहत मुकदमे की सुनवाई लंबित रहने तक अंतिम आहरित पूर्ण वेतन देने के निर्देश दिए हैं।

प्रकरण के अनुसार जिला ब्यावर के सिणला गांव निवासी श्रमिक भगवान सिंह को न्यूवोको कंपनी के निंबोल स्थित संयंत्र से बिना किसी पूर्व नोटिस के सेवा से हटा दिया गया था। इसके विरुद्ध श्रमिक ने औद्योगिक विवाद प्रस्तुत किया था। मामले की सुनवाई के बाद औद्योगिक अधिकरण- सह-श्रम न्यायालय, जोधपुर महानगर ने 28 जुलाई 2025 को श्रमिक के पक्ष में अवार्ड पारित किया था।

उक्त अवार्ड को चुनौती देते हुए कंपनी ने राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। इस मामले में श्रमिक की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता कुशाल सिंह ने कंपनी की याचिका के विरुद्ध पहले ही केविएट दाखिल कर रखी थी, ताकि श्रमिक का पक्ष सुने बिना कोई आदेश पारित नहीं हो।

उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान अधिवक्ता कुशाल सिंह ने श्रमिक के पक्ष में पुरजोर तर्क प्रस्तुत किए। उन्होंने धारा 17-बी के तहत श्रमिक को अंतिम आहरित पूर्ण वेतन दिलाने का पक्ष मजबूती से रखा। न्यायालय ने पाया कि कंपनी की ओर से ऐसा कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिससे यह साबित हो कि श्रमिक वर्तमान में किसी अन्य रोजगार में नियोजित है।

न्यायाधीश कुलदीप माथुर की एकलपीठ ने धारा 17-बी के प्रावधानों के तहत श्रमिक का आवेदन स्वीकार करते हुए कंपनी को निर्देश दिया कि न्यायालय में मामला लंबित रहने तक श्रमिक को वह पूर्ण अंतिम वेतन अदा किया जाए, जो उसे सेवा से हटाए जाने के समय मिल रहा था। यह भुगतान अधिनियम की निर्धारित शर्तों के अधीन होगा।