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221 एसी कोचों में लगी धुआं पहचान प्रणाली

सुरक्षित रेल सफर की दिशा में पहल

जोधपुर,221 एसी कोचों में लगी धुआं पहचान प्रणाली। रेल सफर को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए जोधपुर मंडल की 10 ट्रेनों के 25 रैकों के लगभग 221 एलएचबी वातानुकूलित कोचों में अग्नि एवं धुआं पहचान प्रणाली (FSDS) लगाई गई है।

यह प्रणाली कोच में धुएं की शुरुआती पहचान कर निर्धारित परिस्थितियों में चेतावनी देती है,जिससे संभावित खतरे पर समय रहते ध्यान देने और जरूरी सुरक्षा कार्रवाई में मदद मिलती है।

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों के साथ उपकरणों की नियमित जांच भी जरूरी है।

रेलवन ऐप के टिकट का स्क्रीनशॉट मान्य नहीं

धुआं पहचानने वाले उपकरण ऑप्टिकल स्मोक डिटेक्टर के माध्यम से काम करते हैं। डिटेक्टर में मौजूद प्रकाश किरण धुएं के कणों से बिखरती है, जिसे सेंसर पकड़ लेता है और कंट्रोल पैनल को सिग्नल भेजता है। इसके बाद तुरंत ऑडियो- विजुअल अलार्म बजता है, जिससे गार्ड या ट्रेन स्टाफ को स्थिति की जांच का अवसर मिलता है।यह प्रणाली केवल चेतावनी देने का काम करती है,आग बुझाने के लिए अलग से अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था रहती है।