जमीन को धोखाधड़ीपूर्वक फर्जी दस्तावेज से हड़पने का प्रयास करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

जमीन को धोखाधड़ीपूर्वक फर्जी दस्तावेज से हड़पने का प्रयास करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

एक ने खुद को बताया कि आरबी ट्रिब्यूनल कोर्ट चलाने वाला

जोधपुर, शहर की उदयमंदिर पुलिस ने आरटीओ के पीछे की एक बड़ी जमीन को लेकर हुई धोखाधड़ी एवं फर्जी दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर हड़पने का प्रयास करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें एक आरोपी खुद को आरबी ट्रिब्यूनल कोर्ट चलाने वाला बताता था। पुलिस ने उसके साथ एक अन्य आरोपी को पकड़ा है। परिवादी के रिश्तेदार भाई और अन्य के संबंध में पुलिस की तरफ से अनुसंधान जारी है। जमीन को लेकर कोर्ट में भी विवाद चला आ रहा है।

एसीपी पूर्व देरावर सिंह ने बताया कि मालियों की गली उदयमंदिर निवासी करणसिंह चौधरी ने इस बारे में 5 जनवरी 21 को धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया था। उसके अनुसार एक जमीन आरटीओ के पीछे काफी बीघा में है। इस जमीन को लेकर उसके रिश्ते में लगने वाले भाई राजेंद्रसिंह के साथ विवाद चला आ रहा है। जमीन का विवाद कोर्ट में चला आ रहा है। इस जमीन को लेकर राजेंद्र सिंह ने अपने एक परिचित सुदर्शन गुप्ता से मिला था। सुदर्शन गुप्ता ने खुद को आरबी ट्रिब्यूनल कोर्ट चलाने की बात की थी और जमीन का विवाद सुलझाने को राजेंद्र सिंह से कहा था। इसमें बाद में एक प्रतापनगर के छगनलाल प्रजापत पुत्र चतुराराम प्रजापत को भी साथ ले लिया।

जमीन की कीमत तकरीबन 5.21 करोड़ आंक कर इन लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के साथ राजेंद्रसिंह के हस्ताक्षर कर दिए। जबकि करण सिंह और राजेंद्रसिंह के बीच विवाद चला आ रहा था। मामले को राजेंद्रसिंह के पक्ष में कर फर्जी हस्ताक्षर से जमीन को हड़पने का प्रयास किया। फर्जी तरीके से करण सिंह और राजेंद्र सिंह के बीच इकरारनामा तैयार कर लिया। बात जब कोर्ट में गई तो करण सिंह को पता लगा कि उसने ऐसा नहीं किया था। साइन भी उसके द्वारा नहीं किए गए। एसीपी देरावर सिंह ने बताया कि करणसिंह की रिपोर्ट पर उसके रिश्ते में लगने वाले भाई राजेंद्रसिंह, सुदर्शन गुप्ता, छगनलाल प्रजापत के खिलाफ जमीन धोखाधड़ी में केस दर्ज किया गया था।

सोमवार को सुर्दशन गुप्ता एवं छगनलाल को गिरफ्तार किया गया। रिपोर्ट में एक अधिवक्ता सरदार खां सिंधी को भी नामजद किया गया है। जिसके मार्फत दस्तावेज तैयार होना सामने आया है। हस्ताक्षरों की एफएसएल जांच में खुलासा होने पर सुदर्शन गुप्ता और छगनलाल को गिरफ्त में लिया गया। इसमें कुछ और लोग भी शामिल हो सकते है। इस बारे में पड़ताल जारी है।

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