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सांचौर के बहुचर्चित जालम सिंह हत्याकांड के आरोपी की अन्तरिम जमानत खारिज

राजस्थान हाईकोर्ट

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),सांचौर के बहुचर्चित जालम सिंह हत्याकांड के आरोपी की अन्तरिम जमानत खारिज। राजस्थान हाईकोर्ट ने सांचौर के बहुचर्चित जालम सिंह हत्याकांड के आरोपी की अन्तरिम जमानत खारिज किया।
18 अगस्त 2024 को पुलिस थाना सांचौर में परिवादी अनोप सिंह ने यह लिखित प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि मेरा छोटा बेटा जालम सिंह हुबली में भागीरथ विश्नोई की लोज पर नौकरी करता था।

भागीरथ कुछ समय से उसको वेतन नहीं दे रहा था,जालम सिंह ने भागीरथ से तनख्वाह के बकाया रुपए माँगे तो भागीरथ विश्नोई ने उसे नौकरी से निकाल दिया था। तब से जालम सिंह मेरे पास गाँव में रह रहा था। तब कुछ समय पहले भागीरथ मेरे घर पर आया था और उसने कहा कि आपके बेटे जालम सिंह ने पुलिस में हमारी मुखबीरी करके हमारी लोज से डोडे पकड़ा दिए हैं,जिस कारण से हमें 15 लाख रुपयों का खर्चा आया है, इसलिए आप मुझे 15 लाख रुपए दो अन्यथा मैं आपके बेटे को मारे बगैर नहीं छोडूंगा।

तब मैंने मेरे बेटे जालम सिंह को बुलाया और सभी के सामने उसने भागीरथ से कहा कि उसने आपकी लोज से डोडे नहीं पकड़वाए थे, लेकिन भागीरथ संतुष्ट नहीं हुआ और आईन्दा मौका मिलने पर जान से खत्म करने की धमकियाँ देकर चला गया।

17 अगस्त 2024 को दोपहर 2 बजे मेरा बेटा जालम सिंह मेरे घर गाँव सांगड़वा से सांचौर जाने का कहकर निकला था और शाम को 6 बजे वाली लास्ट बस से जब जालम सिंह घर पर नहीं आया तो मैंने उसके मोबाईल पर 3-4 बार फोन किया तो फोन रिसीव नहीं हुआ। फिर मैंने वापस फोन लगाया तब मुल्जिम भागीरथ ने जालम सिंह का फोन उठाया और बताया कि मैं भागीरथ बोल रहा हूँ आपके लडक़े जालम सिंह को मैं उठाकर घर लेकर आया हूँ।

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आपके लडक़े की मुखबीरी के कारण मुझे 15 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। आप 15 लाख रूपये पहुँचा दो वरना हम आपके लडक़े को जान से खत्म कर देंगे, फिर भागीरथ ने जालम सिंह की मेरे से फोन पर बात करवाई तो जालम सिंह ने रोते हुए बताया कि पापा यह लोग मेरे साथ बुरी तरीके से मारपीट कर रहे हैं,आप 15 लाख रुपये लेकर जल्दी आओ। अगर रुपये नहीं पहुँचाए तो यह लोग मेरी हत्या कर देंगे।

उस रिपोर्ट पर पुलिस थाना सांचौर ने भागीरथ विश्नोई,चनणाराम विश्नोई व अन्य सह-आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर दौराने अनुसंधान उन्हें गिरफ्तार किया था। मुकदमें में भागीरथ विश्नोई,चनणा राम विश्नोई व अन्य सह- आरोपियों के विरुद्ध हत्या के प्रकरण में चार्जशीट पेश की जाकर वर्तमान में मुकदमा अपर सेशन न्यायाधीश सांचौर में चल रहा है।

राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर में इस सेशन केस के मुल्जिम चनणाराम विश्नोई की ओर से उनके वकील ने अन्तरिम जमानत प्रार्थना-पत्र इस आशय का पेश किया था कि मुल्जिम चनणाराम विश्नोई के पुत्र कुलदीप के विवाह समारोह का कार्यक्रम 14 जून 2026 से 28 जून 2026 तक रखा गया है। मुल्जिम चनणाराम विश्नोई के पिता की मृत्यु हो चुकी हैं, इसलिए चनणाराम विश्नोई को अपने पुत्र के विवाह में पिता की ओर से कई रस्में निभानी पड़ेगी,उन सभी रस्मों को निभाने के लिए चनणा राम का मौजूद होना अत्यन्त आवश्यक है, इसलिए मुल्जिम को 1 महीने की अन्तरिम जमानत पर रिहा किए जाने की मांग उनके वकील की ओर से की गई थी।

राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर में जब यह अन्तरिम जमानत का प्रार्थना-पत्र बहस के लिए हाईकोर्ट में लगा था तब मुल्जिम चनणाराम विश्नोई की ओर से उनके वकील हाईकोर्ट में हाजिर ही नहीं हुए थे। परिवादी अनोप सिंह की ओर से एडवोकेट निखिल भण्डारी ने अपनी बहस करते हुए हाईकोर्ट को यह बताया कि मुल्जिम चनणाराम विश्नोई की ओर से अन्तरिम जमानत माँगने के इस प्रार्थना-पत्र में उनके पुत्र कुलदीप का विवाह व उसके कार्यक्रम 2026 के जून महीने में बताए गए हैं, वह समय 4 महीने पहले ही जा चुका हैं,इसलिए यह अन्तरिम जमानत प्रार्थना-पत्र अब अर्थहीन तथा समय बाद का हो चुका हैं, जो अब खारिज किए जाने योग्य हो चुका है।

परिवादी के एडवोकेट निखिल भण्डारी के इन तर्कों से सहमत होते हुए राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर के न्यायाधीश जस्टिस कुलदीप माथुर ने मुल्जिम चनणाराम विश्नोई का अन्तरिम जमानत प्रार्थना-पत्र अस्वीकार कर खारिज कर दिया।