सच्चे साधु आत्मा को राह दिखाने वाले दीपक : साध्वी रत्नरेखा
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),सच्चे साधु आत्मा को राह दिखाने वाले दीपक : साध्वी रत्नरेखा।खैरादियों का बास स्थित राजेन्द्र भवन में चल रही नौ दिवसीय नमस्कार महामंत्र आराधना के पांचवें दिन साध्वीवर्या रत्नरेखा,अनुभवदृष्टा एवं कल्पदर्शिता की पावन निश्रा में “णमो लोए सव्वसाहूणं” पद पर प्रवचन में कहा कि इस पद के माध्यम से हम सभी लोकों में स्थित समस्त साधु साध्वी भगवंतों को नमस्कार करते हैं। जो अपनी आत्मसाधना में लीन हैं, इंद्रियों पर विजय प्राप्त कर तप,त्याग और संयम के माध्यम से संसार को धर्म का प्रकाश देते हैं,वे सभी वंदनीय हैं।
उन्होंने कहा कि सच्चा साधु वही है,जो अहिंसा, क्षमा,करुणा और सत्य के मार्ग पर चलते हुए आत्मा की शुद्धि की साधना करता है। साधु 27 गुणों से सुशोभित होते हैं। संघ ट्रस्टी महेन्द्र सुराणा ने बताया कि पूजन एवं एकासना तप में लीला देवी-दिनेश-रमेश कानूगो परिवार,आरती में पृथ्वीराज भंडारी प्रभावना में अशोक लूँकड़ परिवार की सहभागिता रही। आराधना स्थल पर ज्ञानावरणीय कर्म पूजन का पठन राजेन्द्र सूरी महिला मंडल की ओर से किया गया।
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संघ अध्यक्ष पारस पोरवाल ने बताया कि आराधना में तप व्यवस्था के संचालन एवं सेवा कार्यों में संघ सदस्य पृथ्वीराज भंडारी,निर्भय भंडारी,माणक चंडालिया, गौतम सिंघवी,भव्य लुणावत,अंजु मुथा एवं सुगंधा भंसाली निरंतर अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। मंगलवार को “एसो पंच णमोक्कारो” पद पर प्रातः 9:30 बजे प्रवचन होगा।
