नकारात्मक मानसिकता से सदैव अशुभ परिणाम प्राप्त होते हैं:गणिवर्य अक्षतरत्नसागर
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),नकारात्मक मानसिकता से सदैव अशुभ परिणाम प्राप्त होते हैं:गणिवर्य अक्षतरत्नसागर। भैरूबाग पार्श्वनाथ जैन श्वेताम्बर तीर्थ में प्रवचन माला को संबोधित करते हुए गणिवर्य अक्षतरत्न सागर ने कहा कि हम दूसरे के सुख दुख का अनुभ करते हैं। इस तरह की मन की नकारात्मक मानसिकता से सदैव अशुभ परिणाम ही प्राप्त होते है।
उन्होंने कहा नकारात्मक मानसिकता से अशुभ भाव उत्पन्न होते हैं और यही भाव एवं बुरे विचार हमारे आत्मिक गुणों पर आवरण चढ़ा देते है। जिसके कारण हमारी चेतना मलिन हो जाती हैं और हम पाप कर्म संचित करने में भागीदार बन जाते है। उन्होंने मन की मानसिकता को सदैव सकारात्मक रखने की प्रेरणा देते हुए कहा कि इससे आत्मा की शुद्धि के साथ मानसिक शांति एवं सुख का अनुभव होता है।
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तीर्थ के प्रवक्ता दिलीप जैन एवं सचिव आदेश्वर जैन ने बताया कि धर्म सभा वर्धमान तप की ओली आराधना करने वाले तपस्वियों का वीरेंद्र, मंजू एवं सपना तातेड़ की ओर से बहुमान किया गया। धर्म सभा में तीर्थ अध्यक्ष गणेश भंडारी, उपाध्यक्ष मांगीलाल वडेरा,ट्रस्टी डॉ महिपाल जैन, कैलाश मोहनोत, महेंद्र भंडारी,भूरमल मरड़िया एवं कैलाश मेहता सहित कई श्रद्धालु मौजूद थे।
