हिंदुस्तान जिंक का मॉडल विकसित भारत की तस्वीर:केंद्रीय मंत्री रेड्डी

खनन में तकनीक और सुरक्षा की मिसाल

राजसमंद(दूरदृष्टीन्यूज),हिंदुस्तान जिंक का मॉडल विकसित भारत की तस्वीर:केंद्रीय मंत्री रेड्डी। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी.किशन रेड्डी ने कहा कि हिंदुस्तान जिंक का राजस्थान में परिचालन विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण को दर्शाता है। वे रविवार को राजपुरा दरीबा परिसर के दौरे पर थे।

क्या देखा मंत्री ने
किशन रेड्डी ने विश्व की सबसे बड़ी चांदी उत्पादक खदान सिंदेसर खुर्द और दरीबा स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स का दौरा किया। भूमिगत खदान में टेली-रिमोट संचालन,पेस्ट फिलिंग, सुरक्षा प्रणालियों का निरीक्षण किया। भारत की पहली महिला खदान बचाव दल के प्रदर्शन की सराहना की।

राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं

मंत्री का बयान
हिंदुस्तान जिंक दिखाता है कि खनन क्षेत्र आधुनिक, जिम्मेदार और तकनीक- संचालित विकास इंजन में कैसे बदल रहा है। इसकी खनन-से-धातु क्षमता, सुरक्षा,नवाचार,विविध कार्यबल आत्मनिर्भर औद्योगिक तंत्र का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कंपनी आयात निर्भरता घटाने और खनिज सुरक्षा मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।

जिंक-चांदी की ताकत
हिंदुस्तान जिंक की सालाना 11 लाख टन से ज्यादा परिष्कृत धातु क्षमता है। जस्ता,सीसा, चांदी स्टील,नवीकरणीय ऊर्जा,इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए जरूरी हैं।

महिला शक्ति पर जोर
मंत्री ने 26.3% महिला कार्यबल की तारीफ की। 54 जिंक रत्ना संविदा कर्मियों और महिला खनन इंजीनियरों से कैंटीन में लंच पर बात की। ‘ऊंची उड़ान’ कार्यक्रम के लाभार्थियों से भी मिले जो अब कोल इंडिया में हैं।

ये थे साथ
हिंदुस्तान जिंक CEO अरुण मिश्रा,खान मंत्रालय के संयुक्त सचिव विवेक बाजपेई और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। कंपनी ने संसाधन दक्षता, जल प्रबंधन,कम कार्बन उत्सर्जन जैसे प्रयासों की जानकारी दी।