लैंगिक उत्पीड़न मुक्त कार्यस्थल सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित

लैंगिक उत्पीड़न मुक्त कार्यस्थल सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित

जोधपुर,लैंगिक उत्पीड़न मुक्त कार्य स्थल सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार ‘महिलाओं का कार्य स्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013’ के अन्तर्गत जिले में कलक्टर के निर्देशन में जिला एवं ब्लॉक स्तर पर राजकीय,निजी क्षेत्र,सार्वजनिक क्षेत्र के कार्यलयों एवं संस्थानों में ’लैगिक उत्पीड़न मुक्त कार्यस्थल सप्ताह’ 4 से 9 दिसंबर के दौरान विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं जिसमें आंतरिक समिति के गठन/पुनर्गठन/क्रियाशील बनाना, कर्मचारियों के लिए आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन तथा कार्यालयों में आतंरिक समितियों के समक्ष लंबित प्रकरणों का निस्तारण करने के लिए जानकारी प्रदान कर जागरूक किया जा रहा है। महिला अधिकारिता द्वारा जिला एवं ब्लॉक स्तर पर स्थित कार्यालयों में गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। यह गतिविधियां ब्लॉक स्तर पर पदस्थापित सुपरवाइजर महिला अधिकारिता,महिला सुरक्षा एवं सलाह केन्द्र के परामर्शदाता,वनस्टॉप सेन्टर के प्रबंधक/परामर्शदाता,इन्दिरा महिला शक्ति केन्द्र के प्रबंधक/परामर्शदाता तथा ग्राम साथिनों द्वारा प्रत्येक कार्यालय/संस्थान पर सम्पर्क कर आयोजित की जा रही है।साथ ही अधिनियम के सभी प्रावधानों की अनुपालना सुनिश्चित करवाने के लिए कर्मचारियों को जागरूक किया जा रहा है ताकि महिलाओं के लिए औपचारिक एवं अनौपचारिक कार्य स्थलों पर लैंगिक उत्पीड़न रहित वातावरण का निर्माण किया जा सके। इसके अंतर्गत गुरुवार को ब्लॉक देचू, धवा,चामू एवं आउ में सुपरवाइजर एवं साथिन द्वारा मासिक बैठक के दौरान लैगिक उत्पीड़न मुक्त कार्यस्थल सप्ताह अंतर्गत कार्यशाला का आयोजन किया गया तथा 8 एवं 9 दिसंबर को ब्लॉक मंडोर,बावड़ी, सेखाला,बिलाड़ा,लूणी एवं शेरगढ़ में सुपरवाइजर एवं साथिनों द्वारा कार्यशाला आयोजित कर गतिविधियाँ आयोजित की जाएगी।

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महिला सुरक्षा एवं सलाह केन्द्र,वन स्टॉप सेन्टर एवं इन्दिरा महिला शक्ति केन्द्र द्वारा अपने केन्द्र के आस-पास स्थित संस्थानों/कार्यालयों में पहुँच कर 8 एवं 9 दिसंबर को कार्यशाला आयोजित की जाएगी जिसमें आंतरिक समिति के गठन/पुनर्गठन/क्रियाशील बनाना,कर्मचारियों के लिए आमुखीकरण कार्यशाला आयोजन तथा कार्यालयों में आतंरिक समितियों के समक्ष लंबित प्रकरणों का निस्तारण करने के लिए जानकारी प्रदान कर जागरूक किया जाएगा। महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण,प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 के अध्याय 2 के धारा 4 के प्रावधान अनुसार जिस कार्यस्थल में न्यूनतम दस कर्मकार कार्यरत है,उस कार्यस्थल का प्रत्येक नियोजक/ कार्यालयाध्यक्ष लिखित आदेश द्वारा आंतरिक समिति का गठन करेगा। इसी तरह अध्याय 3 के धारा 5 के प्रावधान अनुसार प्रत्येक जिला अधिकारी (जिला मजिस्ट्रेट) द्वारा संबंधित जिले में ऐसे संस्थानों से जहाँ दस से कम कर्मकार होने के कारण आंतरिक समिति गठित नहीं की गई है या यदि परिवाद स्वयं नियोजक (एम्प्लोयर) के विरूद्ध है वहाँ लैंगिक उत्पीड़न के परिवाद ग्रहण के लिए जिला स्तर पर ’’स्थानीय समिति’’ का गठन करेंगे। जिले के प्रत्येक ब्लॉक/शहरी क्षेत्र के लिए पदाभिहित नोडल अधिकारी (उपखंड अधिकारी) निर्धारित समयावधि में उपयुक्त ऐसे प्रकरण स्थानीय समिति को भेजेंगे। अध्याय 4 के धारा 9 के अनुसार कोई व्यथित महिला कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न का परिवाद आंतरिक समिति को प्रस्तुत करेगी। यदि नियमानुसार इस प्रकार की समिति गठित नहीं है तो संबंधित कार्यालय अध्यक्ष नोडल अधिकारी के माध्यम से प्रकरण स्थानीय समिति को प्रस्तुत करवायेंगे। जिले में जिला मुख्यालय एवं ब्लॉक मुख्यालय पर स्थित अधिकांश राजकीय, निजी क्षेत्र, सार्वजनिक क्षेत्र के कार्यलयों एवं संस्थानों में महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष ) अधिनियम 2013 के अध्याय 2 के धारा 4 के प्रावधान अनुसार आंतरिक समितियां गठित/पुनर्गठित/ क्रियाशील नहीं है या इससे संबंधित सूचना संबंधित कार्यालय द्वारा जिला कार्यालय महिला अधिकारिता को प्रेषित नहीं की जा रही है। अतः अधिनियम के प्रावधान अनुसार समस्त कार्यालयों/संस्थानों में लैगिक उत्पीड़न मुक्त कार्यस्थल सप्ताह 4 से 9 दिसंबर के दौरान आंतरिक समिति गठित की जानी चाहिए।

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