10 साल के प्रयासों के बाद ग्रेट इंडियन बस्टर्ड की घर वापसी
डेजर्ट नेशनल पार्क में सॉफ्ट-रिलीज शुरू
जोधपुर/जैसलमेर
(दूरदृष्टीन्यूज),10 साल के प्रयासों के बाद ग्रेट इंडियन बस्टर्ड की घर वापसी। गंभीर रूप से लुप्तप्राय राजस्थान के राजकीय पक्षी ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के (जीआईबी) के संरक्षण में ऐतिहासिक सफलता मिली है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (वीसी के माध्यम से) ने वन्यजीव सप्ताह के दौरान जैसलमेर के डेजर्ट नेशनल पार्क में बंदी अवस्था में पाले गए दो जीआईबी को जंगल में छोड़ने की प्रक्रिया का शुभारंभ किया।
केंद्रीय मंत्री ने रामदेवरा और सैम स्थित प्रजनन केंद्रों की समीक्षा की और 9.25 करोड़ की लागत से बने 160x64x14 मीटर के विशाल स्तंभ-रहित पुनःवन्यीकरण एवियरी का उद्घाटन किया। यह एवियरी पक्षियों को उड़ान की मांसपेशियां विकसित करने और प्राकृतिक व्यवहार सीखने में मदद करेगी।
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पर्यावरण,वन मंत्रालय, राजस्थान वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के संयुक्त बस्टर्ड पुनर्प्राप्ति कार्यक्रम में वर्तमान में 97 पक्षी हैं। इनमें 40 जंगली अंडों से और 57 बंदी अवस्था में पाले गए हैं। 86 को प्रजनन के लिए रखा गया है,जबकि 11 को जंगल में छोड़ने के लिए चिन्हित किया गया है। 2025 में 24 और 2026 में 29 चूजे पैदा हुए।
यादव ने कहा कि यह सफलता थार पारिस्थितिकी तंत्र की अम्ब्रेला प्रजाति के रूप में जीआईबी के संरक्षण के साथ ही स्थानीय समुदायों को इको-टूरिज्म से आर्थिक लाभ भी देगी। मुख्यमंत्री ने इसे पूरे राज्य के लिए गौरव का दिन बताया।
