ट्रेन धीमी होते ही पुलिस को देख भागा शातिर, तीन किमी पीछा कर पकड़ा

ट्रेन धीमी होते ही पुलिस को देख भागा शातिर, तीन किमी पीछा कर पकड़ा

  • 1000 कैमरों में वाचिंग
  • चेन स्नेचिंग की 15 वारदातें करना स्वीकार किया
  • 7 में असफल रहा
  • दो पावर बाइक बरामद
  • लूट के बाद चेनें बेच देता सुनार को

जोधपुर, कमिश्ररेट की जिला पूर्व पुलिस ने चेन स्नेचिंग के कई मामलों का आज एक साथ खुलासा कर दिया। ऐसे शातिर चेन स्नेचर को पकड़ा गया है जो जगह बदलने में माहिर होने के साथ एक प्रदेश  से दूसरे प्रदेश को भाग जाता था। पांच साल से चेन लूट की वारदातें कर रहा था। इसके पकड़े जाने पर शायद अब शहर की महिलाएं सुकून से बाहर आसानी से निकल सकेंगी। पकड़े गए चेन स्नेचर ने अब तक शहर में 15 वारदातों को करना स्वीकार किया है,
साथ ही 7 में वह असफल भी हुआ है। पुलिस ने उसके पास से दो अपाची बाइक भी जब्त किया है। गहन पड़ताल के तहत अब पूछताछ की जा रही है।

पुलिस आयुक्त नवज्योति गोगाई के अनुसार कमिश्नरेट में चेन स्नेचिंग की बढ़ रही वारदातों पर अंकुश लगाने और अपराधियों को पकड़ऩे के लिए पुलिस उपायुक्त पूर्व भुवन भूषण यादव के सुपरविजन में टीम का गठन किया गया। इस टीम में एडीसीपी पूर्व नाजिम अली के नेतृत्व में एसीपी पूर्व देरावर सिंह,उदयमंदिर थानाधिकारी अमित सिहाग के साथ टीम को लगाया गया। पुलिस की टीम ने अथक परिश्रम के बाद शातिर चेन स्नेचर सूरसागर के कबीर नगर में भैरवा भाखर निवासी पूनमचंद उर्फ पीयूष पुत्र जगदीश नायक को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने ऐसे की कार्रवाई

1000 कैमरे और टोल नाकों को खंगाला

लगातार बढ़ रही चेन स्नेचिंग की वारदातों को देखते हुए कमिश्ररेट पुलिस सकते में थी। पुलिस ने शातिर को पकड़ऩे के लिए पुलिस कमांड कंट्रोल के कैमरों के साथ ही टोल नाकों पर आने जाने वाले मार्गों पर कैमरों को खंगालना शुरू किया। तकरीबन 1000 कैमरों को खंगाला गया।

कांस्टेबल अकरम ने की पहचान

वारदातों को करने में किस शख्स का हाथ हो सकता है इसके लिए कमिश्ररेट के कांस्टेबल अकरम ने काफी मेहनत की। उसी ने इस शातिर पूनमचंद उर्फ पीयूष की पहचान की। बाद में पुलिस को इसके पीछे लगाया गया।

पहले गुजरात फिर बिहार भागा

लूट की वारदात करने के बाद पूनमचंद उर्फ पीयूष पहले गुजरात भाग गया फिर बिहार चला गया। काफी दिनों से वह बिहार में ही था।

बिहार से जोधपुर आने की जानकारी पर सक्रिय हुई पुलिस

पुलिस ने अपने सूचना तंत्र को मजबूत करते हुए पता लगाया कि पूनमचंद उर्फ पीयूष बिहार से जोधपुर आ रहा है। इसके लिए पुलिस की टीमों को उसकी दस्तयाबी के लिए लगा दिया गया। पुलिस उसे पकड़ऩे के लिए नागौर जिले के मेड़ता रोड स्टेशन गई।

ट्रेन के डिब्बों को खंगाला तो भागने लगा

जोधपुर से पहुंची पुलिस ने मेड़तारोड रेलवे स्टेशन पर गाड़ी के धीमे होने पर ट्रेन के डिब्बों को खंगालना शुरू कर दिया। ऐसे में उसे भनक लग गई कि पुलिस आई है। तब वह ट्रेन कुछ और धीमी होते ही भागने लगा। मगर पुलिस ने उसका तीन किलोमीटर तक पीछा किया और पकड़ लिया।

वारदात के बाद चार घंटे से ज्यादा नहीं रूकता

सभी वारदातों में उससे पूछताछ में सामने आया कि वह हर घटना के बाद चार घंटे से ज्यादा कहीं नहीं रूकता था और अपनी जगह बदल देता था। रात को किसी घर में नहीं रूकता और पानी की टंकी के पास में यहां वहां सो जाता था।

दोस्त से मांग कर लाया था पावर बाइक

उसके एक मित्र गुलशन सूरसागर में रहता है। जिसकी पावर बाइक मांग कर लाता था और लूट की वारदातों को अंजाम देता था। इस पावर बाइक के साथ ही उससे एक अन्य पावर बाइक भी जब्त हुई है।

स्कूटी पर करता रैकी

कहां और कब कैसे वारदात करनी है वह पूरी योजना बनाता था। पहले स्कूटी से रैकी करता। बाद में सूनी जगहों से गुजरने वाली महिलाओं को टारगेट करता था। पावर बाइक को दिनचर्या के काम में नहीं लेता था। वारदात करने के बाद गाड़ी को सुरक्षित स्थान पर खड़ी कर देता था।

सात महिने पहले पाली में जमानत पर छूटा था

शातिर लुटेरा पूनमचंद उर्फ पीयूष सात महिने पहले पाली में लूट केस में पकड़ा गया था। तब वहां से जमानत पर छूटा हुआ था। उसके बाद फिर से इस काम में लग गया।

लाल रंग की बाइक को पट्टी लगाकर काली करता

वारदात में यदि वह लाल रंग की पावर बाइक को काम लेता तो उसका रंग भी बदल देता था। बाइक पर काली टेप चिपका कर उसे काला कर देता था। ताकि आसानी से बाइक भी पकड़ में ना आए।

यह वारदातें खुल गई

डीसीपी पूर्व भुवनभूषण यादव ने बताया कि अभियुक्त से अभी तक उदयमंदिर की 2, खांडा फसला की 1, रातानाडा में 1, एयरपोर्ट 1, बाड़मेर के बालोतरा शहर की 4, नागौर जिले के कुचामन की 1, जोधपुर ग्रामीण पीपाड़शहर की 2, सिरोही शिवगंज- सुमेरपुर की 2 वारदातें खुल गई हैं।

इन थानों में पहले से दर्ज हैं प्रकरण

उसके खिलाफ पहले से ही चौहाबो थाने में 5, कुड़ी भगतासनी मेें 4, राजीव गांधी नगर में 1, रातानाडा में 2, मंडोर में 2, देवनगर में 1 एवं सरदारपुरा में 1 प्रकरण दर्ज हो रखा है।

उदयमंदिर में यह दो वारदातें कबूली

अब तक की पूछताछ में उसने उदयमंदिर थाना क्षेत्र में नई सड़क़, चौराहा पर 14 फरवरी को मुंबई एक  युवक और 16 फरवरी को मिर्धा सर्किल पर महिला के गले से चेन लूट की वारदात कबूली है।

चौपासनी हाऊसिंग बोर्ड में बेची चेन

लूट की एक चेन को उसने चौपासनी हाऊसिंग बोर्ड में रहने वाले सुनार प्रदीप सोनी को बेची थी। जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। अन्य के बारे में अब सुनार को पकड़ कर पूछताछ की जाएगी।

पुलिस टीम में यह भी थे शामिल

पुलिस की टीम में शामिल हैड कांस्टेबल महेश मीणा की भी अहम भूमिका रही। इसके अलावा आरपी एफ के एसआई लिखमाराम, उदय मंदिर थाने के एएसआई बींजाराम, दुर्गाराम,कांस्टेबल सुरजाराम, राम प्रकाश, किशोरराम, रूपेश कुमार, सुनील एवं साइबर सैल के एएसआई राकेश सिंह भी शामिल थे।

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