रेजिडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल खत्म
- जम्मू एम्स के निदेशक को दिया कार्यभार -स्वास्थ्य सेवाएं बहाल
- 4 वरिष्ठ प्रोफेसरों की समिति गठित होगी
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),रेजिडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल खत्म। एम्स जोधपुर में 5 दिनों से चल रही रेजिडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल समाप्त हो गई है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत रविवार को खुद आंदोलनकारी डॉक्टर व स्टूडेंट्स के बीच पहुंचे और घोषणा की कि उनकी सभी मांगे मान ली गई हैं।
जोधपुर एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ गोवर्धन दत्त पुरी को हटा दिया गया है। उनकी जगह जम्मू एम्स के निदेशक डॉ.संजीव सिन्हा को जोधपुर एम्स का कार्यभार दिया गया है। शेखावत ने डॉक्टर्स से कहा कि उनकी बाकी सभी मांगों को भी पूरा किया जाएगा। एम्स की प्रतिदिन की गतिविधियों का संचालन करने के लिए 4 प्रोफेसर्स की एक कमेटी बनाई गई है,जो सभी विषय देखेगी।
मांगों को भी टाइमलाइन से एग्जीक्यूशन किया जाएगा। शेखावत की ओर से घोषणा के बाद एम्स के डॉक्टर यश अग्रवाल ने पूरी जानकारी अपने साथियों को दी। जिसके बाद हड़ताल खत्म करने का ऐलान हुआ। हड़ताल वापस लेने की घोषणा के साथ ही जोधपुर एम्स की ओपीडी,आपातकालीन सेवाएं,आईसीयू और सामान्य चिकित्सा सेवाएं पूर्ण रूप से सुचारू हो गई हैं। शेखावत ने बताया कि एम्स के कार्यकारी निदेशक को दिल्ली बुलाया गया है।
नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत के तहत स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित
मृतक डॉक्टर राज नरेश के परिवार को मुआवजा देने की मांग पर शेखावत ने कहा कि जांच प्रक्रिया चल रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद इस पर कार्रवाई होगी। रेजिडेंट डॉक्टर्स ने अपने सभी सीनियर फैकल्टी मेंबर से पांच दिन की परेशानी के लिए सॉरी फील किया।
केंद्रीय मंत्री द्वारा मांगे माने जाने की घोषणा के बाद डॉक्टर्स के प्रतिनिधियों ने कहा कि निदेशक ने माफी नहीं मांगी है। इस पर उन्होंने कहा कि मैंने पर्सनली उनसे कहा था कि वह आप लोगों से बात करें। आपके बीच में जाएं, लेकिन वह नहीं आना चाहते हैं। अब वह सीट पर नहीं है,लेकिन उनकी जगह अगर मैं होता,तो जरूर आप सबके बीच में साथ बैठकर बात करता। मैं जोधपुर का प्रतिनिधि हूं। इसलिए मुझे इस कार्य के लिए सेतू बनाना पड़ा।
एम्स जम्मू के डायरेक्टर के पास अतिरिक्त प्रभार रहने के कारण दैनिक प्रशासनिक कार्यों में कोई बाधा न आए,इसके लिए एक विशेष ‘स्टॉप-गैप’ व्यवस्था लागू की गई है। कार्यभार संभालने के बाद नए कार्यवाहक निदेशक आगामी पांच दिनों के भीतर जोधपुर एम्स के चार वरिष्ठ प्रोफेसरों की उच्चस्तरीय समिति का गठन करेंगे। यह समिति संस्थान में मरीजों के इलाज,छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियों, रेजिडेंट्स के कल्याण और परिसर के माहौल को बेहतर बनाने के लिए दैनिक निर्णय लेने का कार्य करेगी।
यह था मामला
जोधपुर एम्स के एनेस्थीसिया विभाग के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर राज नरेश यादव ऑन ड्यूटी ऑपरेशन थिएटर कॉम्प्लेक्स के ब्रेक रूम में मृत मिले थे। उनके साथी उनको करीब 2 घंटे तक तलाशते रहे। बाद में ब्रेक रूम का दरवाजा तोडकऱ उनको निकाला गया, तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। अलवर निवासी डॉ. राज नरेश के पिता और भाई जोधपुर आए।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह आत्महत्या नहीं मर्डर है। क्योंकि 36 घंटे काम का दबाव कोई नहीं झेल सकता। इसके बाद एम्स में काम का दबाव और संसाधनों की कमी सहित अन्य मुद्दों को लेकर आंदोलन शुरू हो गया। एम्स निदेशक डॉ. गोवर्धन दत्त पुरी को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिला। प्रेजेंट डॉक्टर उनके आवास पर कई बार गए,लेकिन उनकी सही बातचीत नहीं हुई। उनसे माफी की मांग रखी गई,लेकिन वो नहीं माने।
