जोधपुर, गांधी अध्ययन केन्द्र जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय द्वारा ’’राष्ट्रीय वन शहीद दिवस’’ के अवसर पर खेजड़ली में मां अमृता देवी के नेतृत्व में बलिदान हुए शहीदों को सम्मान देने हेतु वृक्षारोपण कार्यक्रम गांधी अध्ययन केन्द्र,जेएनवीयू जोधपुर में जोधपुर में आयोजित किया गया।इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो.पीसी त्रिवेदी कुलपति ने भाग लिया।

गांधी अध्ययन केन्द्र के निदेशक डॉ. हेमसिंह गहलोत ने बताया कि वृक्षारोपण कार्यक्रम में गांधी अध्ययन केन्द्र के समीप पार्क में कोनोकारप्स, चम्पा सफेद, गुलमोहर, चांदनी, टिकोमा, जेटरोफा, बोटलपाम, अशोका, कणेर, मोगरा, बिल्वपत्र आदि अनेक प्रकार की 15 प्रजातियों का वृक्षारोपण किया गया। एवं कुलपति द्वारा राज्य वृक्ष रोहिडा का पौधारोपण कर खेजडली में बलिदान हुए 363 शहीदों हेतु 1 मिनट का मौन रखकर श्रद्वांजलि अर्पित की गई।कुलपति द्वारा उद्वबोदन में युवा वर्ग से अपील की कि स्थानीय प्रजातियों के पेड़ों का अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करना आज की नितान्त आवश्यकता है।

इस कार्यक्रम में विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. पवन कसेरा तथा कला संकाय के अधिष्ठाता केएल रैगर तथा सिंडीकेट के सदस्य प्रो. केआर गेनवा तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक प्रो.केआर पटेल, भूगर्भ विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. एसआर जाखड, डॉ. विरेन्द्र परिहार तथा गुरू जम्भेश्वर पर्यावरण शोध पीठ के निदेशक डॉ. ओमप्रकाश विश्नोई, किशन सिंह राजपुरोहित क्षेत्रीय वन अधिकारी,उप वन संरक्षक वन विभाग तथा एससी एसटी सेल के समन्वयक डॉ. शिव कुमार बरबर, डॉ. भगवान सिंह, डॉ.भरत देवडा, वाइल्डलाइफ कन्ट्रोल ब्यूरो के वोलेन्टीयर एवं विश्नोई महासभा के संगठन सचिव रामनिवास बुधनगर, तथा फैकल्टी मेम्बर द्वारा रोपे गये।

इस कार्यक्रम में सहयोगी संस्थाए उप वन संरक्षक वन विभाग जोधपुर, राष्ट्रीय सेवा योजना, जेएनवीयू.(विज्ञान संकाय), गुरू जम्भेश्वर पर्यावरण शोध पीठ, जेएनवीयू. (विज्ञान संकाय), वाइल्डलाइफ रिसर्च एण्ड कन्जर्वेशन अवेयरनेस सेन्टर, जेएनवीयू. के सलाहकार समिति के सदस्य एवं रूसा समन्वयक प्रो. प्रवीण गहलोत, खान विभाग के भूवैज्ञानिक अमित दत्त व चन्द्रप्रकाश दाधिच, विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक डॉ. आरपी सारण,उत्तम पालीवाल, सुरेश चौधरी, ललीत सिंह जाला तथा गांधी अध्ययन केन्द्र के राहुल भाटी, छवर सिंह भाटी, सुरेश राव तथा शोधार्थी भैराराम, तपन अधिकारी, विपुल कच्छवाहा आदि ने भी वृक्षारोपण किया।