ममता जोशी ने सूफी गायन से समा बांधा

ममता जोशी ने सूफी गायन से समा बांधा

सुर बहार का आगाज

जोधपुर,शनिवार की शाम जोधपुर में सूफी सुरों की सरिता इस तरह बही कि श्रोता अनहद नगमों व कलामों में इस तरह डूबे की वे स्वंय कार्यक्रम का हिस्सा बन झूमने पर मजबूर हो गए। अवसर था राजस्थान संगीत नाटक अकादमी आयोजित सुर बहार कार्यक्रम में देश की ख्यातनाम सूफी गायिका ममता जोशी के अंदाज़े गायन का। ममता जोशी ने अपना गायन कबीर की रचना से प्रारम्भ किया और फिर अमीर खुशरो,बुलेशाह,गालिब, बहादुरशाह ज़फ़र व जोक सहित अनेक फकीरों,संतों की निर्गुण शायरी, ग़ज़ल,भजन प्रस्तुत कर समा बांध दिया।

ममता ने छाप तिलक सब किनी.., मुझसे नैना मिलाइके..,इश्क हद से गुज़र जाए तो बीमारी है इश्क हद से न गुजरे तो बीमारी है, मेरा पिया घर आया ओ रामजी..,दमादम मस्त कलंदर..,साथ-साथ चलने में देर कितनी लगती है..,एक मुद्दत से मेरी माँ सोई नहीं है..,जैसे अनगिनत दिलकश नगमों व अपने जादुई आवाज से खचाखच भरे मेडिकल ओडिटोरियम को सराबोर कर दिया।

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तीन दिवसीय सुगम संगीत समारोह सुर बहार कार्यक्रम का प्रारम्भ राज्यमंत्री व मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रमेश बोराणा ने सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।अकादमी अध्यक्ष बिनाका जेश मालू ने अतिथियों का स्वागत किया तथा अकादमी की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। कर्यक्रम में महापौर उतर कुंती परिहार,जिला कांग्रेस अध्यक्ष सलीम खान सहित शहर के अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। रवीवार को प्रसिद्ध गजल व मांड गायक अली गनी बंधु (मुम्बई) अपना कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।

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