मंगोलिया से हजारों किमी उड़कर पश्चिमी राजस्थान पहुंची कुरजां
खेतोलाई तालाब पर दिख रही डेमोइसेल क्रेन -आने वाले दिनों में बढ़ सकती है झुंडों की संख्या
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),मंगोलिया से हजारों किमी उड़कर पश्चिमी राजस्थान पहुंची कुरजां। पश्चिमी राजस्थान में प्रवासी पक्षियों के आगमन का सिलसिला शुरू हो गया है। लंबी दूरी तय करने वाली कुरजां (डेमोइसेल क्रेन) ने इस बार जैसलमेर जिले के पोकरण क्षेत्र के खेतोलाई तालाब पर दस्तक दी है। इसके बाद से कुरजां लगातार इलाके में नजर आ रही हैं। प्रवासी पक्षियों के पहुंचने से पक्षी प्रेमियों और स्थानीय लोगों में उत्साह है।
कुरजां हर साल मध्य एशिया और मंगोलिया के ठंडे इलाकों से हजारों किलोमीटर की यात्रा कर राजस्थान पहुंचती हैं। इस दौरान ये पक्षी कई देशों और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्रों को पार करते हैं। अलग-अलग समूहों के प्रवास मार्ग और राजस्थान पहुंचने का समय भी अलग हो सकता है।
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पोकरण-जैसलमेर क्षेत्र में सितंबर की शुरुआत के साथ ही कुरजां के आने का क्रम शुरू हो जाता है। खेतोलाई तालाब पर गत दो सितंबर को पहली कुरजां नजर आने के बाद अब आने वाले दिनों में इनके और झुंड पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
भोजन की तलाश में विचरण
राजस्थान पहुंचने के बाद कुरजां दिन के समय भोजन की तलाश में खेतों और खुले इलाकों में विचरण करती हैं। शाम होने पर ये तालाबों और अन्य जलाशयों के आसपास सुरक्षित स्थानों पर लौट आती हैं। सफेद- धूसर रंग का शरीर,लंबी गर्दन और समूह में उडऩे का इनका खास अंदाज लोगों को आकर्षित करता है।
खेतोलाई तालाब पर कुरजां की लगातार मौजूदगी से क्षेत्र में प्रवासी पक्षियों का मौसम शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं। आने वाले हफ्तों में पश्चिमी राजस्थान के तालाबों और जलाशयों के आसपास कुरजां के बड़े झुंड दिखाई देने की संभावना है।
