56 भोग स्वीट्स में जले हुए तेल से बन रही थी कचौड़ी
- खाद्य सुरक्षा विभाग ने करवाई नष्ट
- जोधपुर स्वीट्स की काजू कतली व केसर पेड़ा के नमूने जांच के लिए भेजे
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),56 भोग स्वीट्स में जले हुए तेल से बन रही थी कचौड़ी। रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से चलाए जा रहे सघन निरीक्षण एवं नमूनीकरण अभियान के तहत जोधपुर में कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
इस दौरान खेमे का कुआं, पाल रोड स्थित 56 भोग स्वीट्स में खाद्य सामग्री के निर्माण में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। टीम ने जले हुए तेल में तैयार करीब 60 कचौडिय़ों और खराब तेल को मौके पर ही नष्ट करवाया।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के निर्देशानुसार तथा अतिरिक्त आयुक्त भगवतसिंह एवं संयुक्त आयुक्त विजय प्रकाश शर्मा के निर्देशन में प्रदेशभर में अभियान चलाया जा रहा है।
जोधपुर में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.सुरेंद्र सिंह शेखावत के निर्देशन में केंद्रीय एवं जोधपुर टीम के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान 56 भोग स्वीट्स में कचौड़ी निर्माण में इस्तेमाल हो रहे तेल की गुणवत्ता की जांच टीपीसी (टोटल कम्पाउण्ड) मीटर से की गई।
जांच में इसकी रीडिंग 56 पाई गई,जो निर्धारित मानकों से काफी अधिक थी। टीम ने खराब तेल में तैयार करीब 60 कचौडिय़ों एवं तेल को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। प्रतिष्ठान में चिप्स, नमकीन सहित अन्य खाद्य सामग्री बिना लेबल, बैच नंबर एवं निर्माण तिथि के पैक की हुई मिली।
कचौड़ी का मसाला भी खुला रखा हुआ था। खाद्य पदार्थ बनाने वाले कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र,कीट नियंत्रण प्रमाण पत्र एवं पानी की जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं थी। प्रतिष्ठान में मक्खी पकडऩे का उपकरण भी नहीं लगा था। इसके अलावा मिठाई निर्माण के लिए आवश्यक खाद्य अनुज्ञा पत्र भी नहीं पाया गया।
कई दुकानों से लिए खाद्य पदार्थों के नमूने
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सरदारपुरा स्थित जोधपुर स्वीट्स का भी निरीक्षण किया। यहां चांदी के वर्क से निर्मित काजू कतली और केसर पेड़ा के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। निरीक्षण के दौरान मिठाई निर्माण के लिए समुचित अनुज्ञा पत्र नहीं पाया गया। साथ ही कीट नियंत्रण प्रमाण पत्र,पानी की जांच रिपोर्ट और कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र सहित आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं थे। इन कमियों के आधार पर प्रतिष्ठान को सुधार नोटिस जारी किया जा रहा है।
इसी क्रम में सालावास स्थित विनायक फूड प्रोसेसिंग का निरीक्षण किया गया। यहां कलाकंद का निर्माण किया जा रहा था। टीम ने विनायक हलवा एवं कलाकंद के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे हैं। प्रतिष्ठान में मिली अनियमितताओं के संबंध में सुधार नोटिस जारी किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान केंद्रीय टीम के देवेंद्र सिंह राणावत तथा जोधपुर टीम के प्रवीण चौधरी, सुरेश माली और लक्ष्मी चंद खत्री मौजूद थे। विभाग की ओर से खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के नियमों के उल्लंघन पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है।
