प्राकृतिक व सिजेरियन प्रसव पर भ्रामक बयानों पर IMA जोधपुर ने जताई चिंता
- वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर निर्णय लेने की अपील
- सिजेरियन खतरनाक है जैसे भ्रामक वक्तव्यों पर IMA जोधपुर की आपत्ति
- बोले दोनों विधियाँ वैज्ञानिक और सुरक्षित
- प्रसव को लेकर सोशल मीडिया के भ्रामक दावों पर IMA जोधपुर चिंतित
- विशेषज्ञ की सलाह पर ही लें निर्णय
- माँ-शिशु के जीवनरक्षक है यह प्रक्रिया
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),प्राकृतिक व सिजेरियन प्रसव पर भ्रामक बयानों पर IMA जोधपुर ने जताई चिंता।इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), जोधपुर शाखा ने मीडिया में प्रकाशित उस समाचार पर गंभीर चिंता व्यक्त की है जिसमें कहा गया है कि सिजेरियन प्रसव शिशु एवं माता दोनों के लिए खतरनाक है तथा सिजेरियन प्रसव को अधिकांश परिस्थितियों में अनावश्यक बताया गया है।
होटल में रुके देशी पर्यटक की दिल का दौरा पड़ने से मौत
IMA जोधपुर स्पष्ट किया कि सामान्य (Normal Vaginal Delivery) और सिजेरियन (Caesarean Section) दोनों ही प्रसव की वैज्ञानिक एवं स्वीकृत विधियाँ हैं। किसी भी गर्भवती महिला के लिए कौन-सी विधि उपयुक्त होगी,इसका निर्णय केवल प्रशिक्षित स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ द्वारा माँ और गर्भस्थ शिशु की स्थिति का समुचित चिकित्सीय मूल्यांकन करने के बाद ही लिया जाना चाहिए।
सिजेरियन प्रसव कब आवश्यक होता है
आज के समय में सिजेरियन प्रसव अनेक परिस्थितियों में माता एवं शिशु का जीवन बचाने वाली प्रक्रिया है,जैसे..
-भ्रूण में ऑक्सीजन की कमी (Fetal Distress)
-प्लेसेंटा की असामान्य स्थिति
-प्रसव की प्रगति रुक जाना
-गंभीर प्री-एक्लेम्पसिया/एक्लेम्पसिया
-भ्रूण की असामान्य स्थिति (Breech, Transverse Lie)
-पूर्व में गर्भाशय की शल्य चिकित्सा
-अन्य उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाएँ।
ऐसी परिस्थितियों में सिजेरियन में विलंब करना माँ और शिशु दोनों के लिए अत्यंत गंभीर एवं कभी-कभी जानलेवा सिद्ध हो सकता है।
IMA जोधपुर यह भी स्पष्ट करता है कि सिजेरियन प्रसव से जन्म लेने वाले बच्चों में प्रतिरक्षा क्षमता,फेफड़ों के विकास अथवा अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बारे में सामान्यीकृत निष्कर्ष प्रस्तुत करना वर्तमान वैज्ञानिक साक्ष्यों के अनुरूप नहीं है। ऐसे विषयों पर शोध निरंतर जारी है तथा किसी एक मत को अंतिम सत्य के रूप में प्रस्तुत करना जनसामान्य में अनावश्यक भय उत्पन्न कर सकता है।
IMA जोधपुर का आग्रह
सभी गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिवारों से आग्रह है कि वे प्रसव संबंधी निर्णय सोशल मीडिया,व्यक्तिगत विचारों या अप्रमाणित दावों के आधार पर नहीं,बल्कि अपने स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की सलाह एवं राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा दिशानिर्देशों के अनुसार लें।
IMA जोधपुर ने मीडिया से भी अनुरोध किया है कि स्वास्थ्य संबंधी समाचारों के प्रकाशन में संतुलित एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाएँ तथा ऐसे शीर्षकों से बचें जो आमजन में भ्रम और भय उत्पन्न करें।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन,जोधपुर शाखा के अध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ राज लोढ़ा, सचिव डॉ.प्रदीप जैन एवं कोषाध्यक्ष डॉ.अमित सिंघवी ने सिजेरियन प्रसव पर भ्रामक तथ्यों पर चिंता जताते हुए
संयुक्त वक्तव्य जारी कर कहा कि सुरक्षित मातृत्व,वैज्ञानिक चिकित्सा एवं साक्ष्य- आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं।
