नावा सिटी स्टेशन पर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित गुड्स शेड तैयार

697 मीटर लंबा एवं 17 मीटर चौड़ा माल प्लेटफॉर्म विकसित

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),नावा सिटी स्टेशन पर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित गुड्स शेड तैयार। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के नावा सिटी रेलवे स्टेशन पर माल परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में गुड्स शेड के विकास एवं आधुनिकीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के निर्देशन में विकसित इस गुड्स शेड में व्यापारियों,श्रमिकों एवं माल लदान से जुड़ी गतिविधियों के लिए आधुनिक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने बताया कि गुड्स शेड में सुविधाओं के विस्तार के तहत सीसीटीवी मॉनिटरिंग की सुविधा से युक्त मुख्य गुड्स पर्यवेक्षक कार्यालय, व्यापारियों के लिए पृथक मर्चेंट रूम तथा महिला एवं पुरुष श्रमिकों के लिए अलग-अलग श्रमिक कक्षों का निर्माण किया गया है। इससे गुड्स शेड में कार्यरत विभिन्न वर्गों को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि माल लदान एवं उतराई की गतिविधियों को सुगम बनाने के लिए 697 मीटर लंबा तथा 17 मीटर चौड़ा सीसी सरफेसिंग युक्त माल प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। इसके अलावा 16 मीटर म 10.67 मीटर आकार के तीन प्लेटफॉर्म शेल्टर एवं वाटर बूथ भी विकसित किए गए हैं, जिससे कार्यरत श्रमिकों को आवश्यक सुविधाएं मिल सकेंगी।

14 सीसीटीवी कैमरों से होगी 24 घंटे निगरानी
गुड्स शेड की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए कुल 14 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। इनमें 12 कैमरे माल प्लेटफॉर्म पर तथा 2 कैमरे सीजीएस कार्यालय भवन में लगाए गए हैं। इन कैमरों की लाइव फीड सीजीएस कार्यालय में उपलब्ध कराई गई है। साथ ही सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को 30 दिनों तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी की गई है, जिससे आवश्यकता पडऩे पर संबंधित गतिविधियों की निगरानी एवं समीक्षा की जा सकेगी।

जोधपुर मंडल में अपनी तरह की पहली व्यवस्था
नावा सिटी गुड्स शेड जोधपुर मंडल का पहला ऐसा गुड्स शेड बन गया है,जहां सीसीटीवी स्थापना से संबंधित सिविल,इलेक्ट्रिकल एवं सिग्नल एवं दूरसंचार विभागों के सभी कार्य समन्वित रूप से पूर्ण किए गए हैं। गुड्स शेड के इस विकास से माल परिवहन संबंधी गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित बनाने, व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।