उत्तराखंड में भारी बारिश से विख्यात पर्यटन स्थल नैनीताल झील ओवर फ्लो कई जगह भूस्खल

  • प्रशासन में रेड अलर्ट
  • डीएबी कालेज परिसर गिर रहा है मलबा
  • भूस्खलन छात्रावास के बी ब्लाक तक
  • छात्रावास खाली कराया गया
  • राहत कार्यों के लिए टीमों का गठन कर नैनात
  • जिला आपातकाल केंद्र शुरू

नैनीताल, उत्तराखंड के विख्यात पर्यटन स्थल नैनीताल में भी भारी बारिश का कहर जारी है। रविवार रात से ही हो रही मूसलाधार बारिश से नैनी झील ओवरफ्लो हो गया। नैनी झील का पानी सड़क पर आ गया। भारी बारिश से नैनीताल के डीएसबी कालेज परिसर में भूस्खलन हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नैनीताल स्थित डीएसबी परिसर में केपी छात्रावास के पास से ठंडी सड़क की ओर से हो रहे भूस्खलन छात्रावास के बी ब्लॉक की बुनियाद तक पहुंच गया है। नैनीताल के डीएसबी परिसर में लगातार मलवा गिर रहा है और छात्रावास को इससे पूरी तरह से खतरा उत्पन्न हो गया है। छात्रावास को पहले ही खाली करा लिया गया था। जिला कलेक्टर धीराज सिह गर्ब्याल ने जिले में भारी वर्षा, अतिवृष्टि के रेड अलर्ट के मद्देनजर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को रेड अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड में भारी बारिश से विख्यात पर्यटन स्थल नैनीताल झील ओवर फ्लो कई जगह भूस्खल

उन्होने अतिवृष्टि से भूस्खलन एंव बाढ की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीमो की तैनाती की है। उन्होने कहा कि टीम लीडर के अन्तर्गत अपर अभियन्ता राजस्व उप निरीक्षक,ग्राम पंचायत अधिकारी एंव कर्मचारियों की तैनातगी कर दी गई है। गर्ब्याल ने कहा कि टीमें प्राकृतिक आपदा के दौरान तत्काल प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण करते हुये समस्त प्रकार की क्षतियों जनहानि,पशुहानि, भवन क्षति, कृषि, औद्योगिक फसलों की क्षति तथा सार्वजनिक सम्पत्तियों की क्षति सड़क, पुल, पेयजल,विद्युत आपूर्ति, विद्यालय, सामुदायिक भवन का आंकलन करेंगी तथा सम्बन्धित सूचना तत्काल जिला आपात कालीन परिचालन केन्द्र के दूरभाष 05942- 231178 एवं 231179 पर उपलब्ध करायेंगे। उन्होंने ने कहा समस्त क्षति एवं राहत व बचाव कार्यो की फोटो ग्राफी एवं वीडियोग्राफी की जाए तथा वाटसएप एवं ई-मेल के द्वारा जिला कार्यालय को शीघ्र आख्या प्रेषित की जाए। उन्हीने सभी टीमो को निर्देश दिये कि वे अपने क्षेत्रान्तर्गत आपदा की स्थिति के अनुसार कैम्प करेंगी।

टीमें अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत अतिवृष्टि,भूस्खलन से बाधित मार्ग जो लम्बे समय 3 घंटे से अधिक बन्द होने की दशा मे फंसे पर्यटकों,यात्रियों का स्थिति का आंकलन करते हुए आवास,भोजन आदि की व्यवस्थायें पुलिस राजस्व विभाग से समन्वय करते हुये उपलब्ध करायेंगे। जिला कलेक्टर ने कहा कि आपदा की वृहद स्थिति में आवश्यकता पड़ने पर निकटतम न्याय पंचायत स्तर पर गठित टीमों द्वारा उक्त क्षेत्र की टीम के साथ राहत एवं बचाव कार्य हेतु योगदान किया जायेगा। उन्होने कहा गठित टीमें ग्रामप्रधानोेे, जनप्रतिनिधियों तथा खोज एवं बचाव में प्रशिक्षित स्वयंसेवकों, दलों से सम्पर्क स्थापित करेंगे।

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