थाने में आत्महत्या को लेकर परिजनों का धरना-प्रदर्शन

  • पूरे थाना स्टाफ को लाइन हाजिर व निष्पक्ष जांच करने की मांग
  • नहीं उठाया शव

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),थाने में आत्महत्या को लेकर परिजनों का धरना-प्रदर्शन। बासनी थाने में पूछताछ के लिए लाए गए युवक के आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मृतक के परिजन पूरे थाना स्टाफ को लाइन हाजिर करने, सरकारी नौकरी,मुआवजा देने सहित अन्य मांगों को लेकर एम्स जोधपुर की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उनके समर्थन में समाज के लोग भी एकत्रित हुए है।

उन्होंने मांग पूरी नहीं होने तक शव उठाने से मना कर दिया है। दरअसल बासनी थाने में एक युवती की गुमशुदगी रिपोर्ट पर लूणी के सर गांव निवासी 30 वर्षीय अमृत दास को मंगलवार को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था, क्योंकि उस युवती की कॉल डिटेल में उससे लगातार बात होना सामने आ रहा था। अंतिम बात भी युवक से ही हुई थी। बताया गया है कि युवक दोपहर करीब ढाई बजे थाने पहुंचा था। अनुसंधान अधिकारी ने पूछताछ की। शाम को वह थाने के कमरे में बैठा था,तभी उसने सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या का प्रयास किया।

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थानाधिकारी उसे आनन- फानन में एम्स लेकर गए। पुलिस ने वहां मजिस्ट्रेट के बयान भी करवाए। करीब नौ बजे उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने घटना के तुरंत बाद उसके साथ आए व्यक्ति और परिजनों को सूचित कर दिया था।

पुलिस का कहना है कि युवक अपने साथ जहर लेकर आया था। मौका पाकर जहर खा लिया। उसकी मौत के बाद आज सुबह एम्स मोर्चरी के बाहर परिजनों के साथ ही समाज के लोग एकत्रित हो गए और पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच के साथ पूरे पुलिस थाना स्टाफ को लाइन हाजिर करने, आर्थिक मुआवजा देने,परिवार में एक आश्रित को सरकारी नौकरी देन आदि मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। दोपहर बाद तक अधिकारी उनसे समझाइश कर रहे थे।

महिला को 251 बार कॉल किए
एडीसीपी वेस्ट नरेंद्र सिंह देवड़ा ने बताया कि महिला की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज थी,इस मामले में अमृतलाल संदिग्ध था, क्योंकि जब सीडीआर खंगाली गई थी तो सबसे ज्यादा कॉल अमृत को किए गए। उसके फोन से 251 कॉल किए गए थे, भागने के बाद का लास्ट कॉल भी अमृत को किया था। उन्होंने बताया कि अमृत पांच साल से उस महिला से बात कर रहा था।

थाने में जांच अधिकारी पूछताछ के बाद इधर-उधर हुए तो उसने जहर खा लिया। एम्स लाने के बाद ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने बयान लिए। एडीसीपी ने कहा कि युवक ने पुलिस को बताया कि महिला ने उसे धोखा दे दिया था। नहर चौराहे से उसने जहर खरीदा था। जिस जगह घटना हुई थी,वहां पर कैमरे लगे हुए थे। उसके फुटेज सुरक्षित रखे गए हैं। लूणकसर निवासी अमृत दास सांगरिया फांटा क्षेत्र में किराए के मकान में टिफिन सर्विस का काम करता था।