समर्थ लेखक का सही मूल्यांकन न होना भी अपराध: प्रो.श्रोत्रिय

जयपुर(दूरदृष्टीन्यूज),समर्थ लेखक का सही मूल्यांकन न होना भी अपराध: प्रो.श्रोत्रिय। प्रतिष्ठित कवि,चिंतक और पर्यावरण प्रेमी ऋतुराज को कुमारानंद भवन में श्रद्धांजलि दी गई।प्रगतिशील लेखक संघ, जनवादी लेखक संघ,जन संस्कृति मंच,इप्टा और समग्र सेवा संघ के तत्वावधान में आयोजित सभा में इसे प्रगतिशील साहित्यिक आंदोलन की अपूरणीय क्षति बताया। संयोजन प्रलेस के राष्ट्रीय सचिव प्रेमचंद गांधी ने किया।

वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. मोहन श्रोत्रिय ने कहा कि ऋतुराज प्रखर प्रगतिशील चेतना के लेखक थे। राष्ट्रीय स्तर पर जो सम्मान मिलना चाहिए था,वह न मिलने पर भी उनमें असंतोष नहीं था। किसी समर्थ रचनाकार का समय पर सही मूल्यांकन न होना भी एक अपराध है।

राष्ट्रीय एकता दिवस पर भाजपा ने किया सरदार पटेल को नमन

डॉ.हेतु भारद्वाज ने कहा कि उनका परिवार साहित्य परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। प्रदेश महासचिव रजनी मोरवाल ने कहा कि युवा पीढ़ी उनसे प्रेरणा लेगी। डॉ.विशाल विक्रम सिंह, कवि सवाई सिंह शेखावत और नंद भारद्वाज ने कहा कि उनकी रचनाएं हाशिए के समाज के पक्ष में खड़ी और पाठक को उद्वेलित करने वाली थीं।

डॉ.सत्यनारायण,फारूक आफरीदी,संजय विद्रोही, कविता माथुर,रेखा पांडे सहित वक्ताओं ने कविता पाठ व संस्मरण सुनाए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साहित्यकार, पत्रकार और प्रबुद्धजन मौजूद थे।