सोलर पैनल नहीं लगना सेवा दोष की श्रेणी में
- राज्य उपभोक्ता आयोग
- जोधपुर पीठ का निर्णय
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),सोलर पैनल नहीं लगना सेवा दोष की श्रेणी में।
उपभोक्ता द्वारा सोलर पैनल लगाने के लिए राशि अदा करने के बावजूद पैनल नहीं लगाने को राज्य आयोग जोधपुर पीठ ने सेवा दोष मानते हुए कंपनी की अपील को अस्वीकार कर दिया।
राज्य उपभोक्ता आयोग जोधपुर पीठ के समक्ष बॉम्बे सोलर एंड विंड पावर ने जिला उपभोक्ता आयोग के निर्णय के विरुद्ध अपील प्रस्तुत की थी। परिवाद के अनुसार बिलाड़ा निवासी श्याम चौहान ने अपीलार्थी कंपनी के पास 100 प्रतिशत राशि 147740 रुपए नवंबर 2020 में जमा करवा कर 5 किलो वाट का सोलर पैनल कनेक्शन लगवाने के लिए आवेदन किया था तथा कंपनी ने 90 दिवस में प्लांट लगाने का आश्वासन दिया था।
कंपनी की ओर से गोल्ड ऑफर भी दिया गया था जिसमें 1 किलोवाट पर आधा ग्राम सोना दिया जाना बताया गया। योजनानुसार ढाई ग्राम सोना उपभोक्ता को मिलना था। कंपनी ने डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी कनेक्शन स्थापित नहीं किया तथा परिवादी को कई चक्कर कटवाए। परिवादी ने जिला उपभोक्ता आयोग में कंपनी से राशि वापस दिलवाने के लिए परिवाद प्रस्तुत किया। जिला आयोग द्वारा नोटिस जारी करने के बावजूद कंपनी की ओर से कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ।
निलम्बन आदेश पर उच्च न्यायालय की रोक
जिला आयोग ने परिवादी का परिवाद स्वीकार करते हुए परिवादी की जमा राशि 147740 रुपए 6 फीसदी ब्याज व अन्य हर्जाने की राशि के साथ स्वीकार कर लिया। जिला आयोग के निर्णय के विरुद्ध सोलर कंपनी ने राज्य उपभोक्ता आयोग के समक्ष अपील प्रस्तुत करते हुए बताया कंपनी की सरकार में अनुदान राशि बकाया है तथा उन्होंने उच्च न्यायालय में रिट भी पेश कर रखी है इस कारण से उपभोक्ता यहां पैनल नहीं लगाए जा सके।
आयोग के न्यायिक सदस्य मुकेश एवं सदस्य लियाकत अली ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर अपने निर्णय में कहा कि कंपनी ने कही यह अंकित नहीं किया है कि उसे राशि प्राप्त नहीं हुई हो। अपीलार्थी ने सोलर पैनल लगा दिए गए ऐसा कोई प्रमाण भी प्रस्तुत नहीं किया है। उपभोक्ता से राशि लेने के बावजूद सोलर पैनल नहीं लगना गंभीर सेवा दोष ही नहीं बल्कि एक प्रकार से छलकारित करने के समान है।
परिवादी को पैनल लगने से होने वाले लाभ के संबंध में क्षतिपूर्ति सुदूरवर्ती मानी जा सकती है। आयोग ने जिला आयोग के निर्णय को सही मानते हुए 5000 हर्जाने के साथ सोलर कंपनी की अपील को अस्वीकार कर दिया। अपीलार्थी की ओर से अधिवक्ता सुधीर टाक व विपक्षी की ओर से अधिवक्ता महेंद्र पारीक उपस्थित हुए।
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