IADVL SIG LASER कॉन्फ्रेंस में डॉ.आनंद लामोरिया का व्याख्यान

मेलाज़्मा में लेज़र के उपयोग,सीमाएँ और दुष्प्रभावों पर रखा वैज्ञानिक दृष्टिकोण

जयपुर/जोधपुर (दूरदृष्टीन्यूज), IADVL SIG LASER कॉन्फ्रेंस में डॉ.आनंद लामोरिया का व्याख्यान। इंडियन एसोसिएशन ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट्स, वेनेरियोलॉजिस्ट्स एंड लेप्रोलॉजिस्ट्स (IADVL) की SIG LASER (IADVL Academy) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय लेज़र कॉन्फ्रेंस में डॉ. आनंद लामोरिया,सहायक आचार्य,त्वचा रोग विभाग,एमडीएम हॉस्पिटल, जोधपुर ने फैकल्टी के रूप में भाग लिया।

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डॉ.लामोरिया ने “Melasma: लेज़र-Use, Limitations and Side Effects” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि मेलाज़्मा एक जटिल एवं बार-बार होने वाला पिगमेंटेशन विकार है,जिसमें केवल लेज़र उपचार को अंतिम समाधान नहीं माना जा सकता।

उन्होंने कहा कि “रोगी का सही चयन,बीमारी की गंभीरता,त्वचा का प्रकार तथा लेज़र की उचित सेटिंग्स उपचार की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।”

व्याख्यान में उन्होंने विभिन्न प्रकार के लेज़र,उनके वैज्ञानिक उपयोग,उपचार के संकेत, अपेक्षित परिणाम तथा संभावित जोखिमों पर विस्तार से चर्चा की। डॉ.लामोरिया ने बताया कि गलत रोगी चयन, अनुचित लेज़र पैरामीटर या उपचार के बाद उचित सन प्रोटेक्शन न अपनाने पर पोस्ट-इन्फ्लेमेटरी हाइपर पिग्मेंटेशन (PIH),मेलाज़्मा के बढ़ने और असंतोषजनक परिणाम जैसी जटिलताएँ हो सकती हैं।

उन्होंने विशेष बल देते हुए कहा कि मेलाज़्मा के उपचार में दवाइयों,सनस्क्रीन,उचित स्किन केयर तथा रोगी की काउंसलिंग के साथ एक समग्र Multimodal उपचार रणनीति अपनानी चाहिए।

इस अवसर पर देशभर से आए वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञों, फैकल्टी एवं पोस्टग्रेजुएट विद्यार्थियों ने चर्चा में भाग लिया। उपस्थित विशेषज्ञों ने डॉ. लामोरिया के व्याख्यान को व्यावहारिक,संतुलित एवं Evidence-based प्रस्तुति बताते हुए सराहा।