आयुर्वेद विश्वविद्यालय में हुई वाद-विवाद प्रतियोगिता
- नशामुक्त युवा,विकसित भारत संकल्प अभियान
- विद्यार्थियों ने रखे नशे के दुष्प्रभावों पर तर्कपूर्ण विचार
- स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का दिया संदेश
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),आयुर्वेद विश्वविद्यालय में हुई वाद-विवाद प्रतियोगिता।
डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय में “नशामुक्त युवा,विकसित भारत संकल्प अभियान” के अंतर्गत नशामुक्ति एवं जनजागरूकता को लेकर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
बासनी स्टेशन पर प्रारंभ हुआ कोच गाइडेंस सिस्टम
कार्यक्रम कुलगुरु प्रो. (वैद्य) गोविन्द सहाय शुक्ल के दिशा-निर्देशन में आयोजित हुआ।अभियान के समन्वय की जिम्मेदारी स्टेट कॉर्डिनेटर प्रो.(डॉ.)रितु कपूर को सौंपी गई है।
उद्देश्य: युवाओं को नशे से दूर रखना
प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें नशामुक्त,स्वस्थ और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।प्रतियोगिता में स्नातक एवं स्नातकोत्तर अध्येताओं ने उत्साह पूर्वक भाग लिया।
प्रतिभागियों ने नशे के शारीरिक,मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों ने कहा कि नशे की आदत न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य और भविष्य को प्रभावित करती है,बल्कि परिवार और समाज के लिए भी गंभीर चुनौती बनती है।
स्वस्थ युवा ही विकसित राष्ट्र की आधारशिला
वाद-विवाद के दौरान प्रतिभागियों ने तर्कपूर्ण ढंग से यह संदेश दिया कि स्वस्थ युवा ही मजबूत समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला हैं। विद्यार्थियों ने नशे से बचाव के लिए जागरूकता,सकारात्मक सोच,खेलकूद,योग, आयुर्वेदिक जीवनशैली तथा रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
प्रतियोगिता के विजेता ओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। उन्हें भविष्य में भी सामाजिक जागरूकता से जुड़े अभियानों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
100 सप्ताह तक चलेगा अभियान
उल्लेखनीय है कि “नशामुक्त युवा,विकसित भारत संकल्प अभियान” के तहत आगामी 100 सप्ताह तक देशभर में जनजागरूकता,संवाद,खेल, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों का आयोजन प्रस्तावित है।
कुलगुरु प्रो.शुक्ल ने कहा कि इस आयोजन ने विद्यार्थियों को नशामुक्ति जैसे गंभीर सामाजिक विषय पर विचार रखने, तर्क करने और समाधान तलाशने का अवसर दिया। साथ ही युवाओं में स्वस्थ जीवनशैली, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का संदेश गया।
कार्यक्रम के अंत में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि नशे से दूरी केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य की सुरक्षा नहीं,बल्कि परिवार,समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की भी सुरक्षा है।
