कृषि फीडरों के सौरकरण में जोधपुर डिस्कॉम को मिला स्कॉच गोल्ड अवॉर्ड
कुसुम-ए और सी की संयुक्त प्रगति में राजस्थान देश में प्रथम
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),कृषि फीडरों के सौरकरण में जोधपुर डिस्कॉम को मिला स्कॉच गोल्ड अवॉर्ड।प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत कृषि फीडरों के सौरकरण में उल्लेखनीय कार्य के लिए जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जोधपुर डिस्कॉम) को स्कॉच गोल्ड अवॉर्ड-2026 से सम्मानित किया गया है। पावर एंड एनर्जी श्रेणी में यह पुरस्कार नई दिल्ली में आयोजित समारोह में स्कॉच समूह के चेयरमैन समीर कोचर ने डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक डॉ. भंवरलाल को प्रदान किया।
डिस्कॉम के अनुसार, कुसुम योजना के कम्पोनेंट-ए और सी के तहत अब तक 3, 821 मेगावाट क्षमता के 1, 663 सौर संयंत्र चालू किए जा चुके हैं। कृषि फीडरों के सौरकरण से 1.50 लाख से अधिक कृषि पंप लाभान्वित हुए हैं। पीएम-कुसुम के कम्पोनेंट-ए और सी की संयुक्त प्रगति के आधार पर राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। राजस्थान के तीनों विद्युत वितरण निगमों में जोधपुर डिस्कॉम इस अभियान में अग्रणी है।
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डिस्कॉम ने दोनों कम्पोनेंट के तहत 2, 848 सौर संयंत्रों के लिए कुल 6, 195 मेगावाट क्षमता के बिजली खरीद समझौते किए हैं। इनमें से 25 सितंबर तक 1, 663 संयंत्रों की 3, 821 मेगावाट क्षमता चालू हो चुकी है। योजना के माध्यम से करीब 21, 693 करोड़ रुपए का निवेश भी आया है।
11, 500 बोलियों की हुई तकनीकी व वित्तीय जांच
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए डॉ. भंवरलाल के नेतृत्व में समर्पित आरई-डीएसएम प्रकोष्ठ का गठन किया गया। इसके तहत जीआईएस आधारित भूमि चिह्नीकरण, एकल समन्वय व्यवस्था और समयबद्ध दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया लागू की गई। नियमित समीक्षा एवं त्वरित निर्णयों के माध्यम से भूमि,ग्रिड कनेक्टिविटी, वित्तीय स्वीकृति और सब-स्टेशनों से संबंधित बाधाओं का समाधान किया गया।
डिस्कॉम की टीम ने करीब 11, 500 बोलियों की तकनीकी एवं वित्तीय जांच की। समारोह में डिस्कॉम के निदेशक तकनीकी वीके छंगाणी, मुख्य अभियंता (जोधपुर जोन) पीएस चौधरी तथा आरई-डीएसएम से जुड़े अभियंता दीपक ओझा भी उपस्थित रहे। वर्ष 1997 से कार्यरत स्कॉच समूह प्रशासन,वित्त, तकनीक और सामाजिक क्षेत्र की उल्लेखनीय परियोजनाओं एवं नवाचारों का मूल्यांकन कर पुरस्कार प्रदान करता है।
