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सैकंड हैण्ड कार का फर्जीवाड़े से सौदा,पता लगा दस्तावेज फर्जी

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),सैकंड हैण्ड कार का फर्जीवाड़े से सौदा,पता लगा दस्तावेज फर्जी। शहर के चांदपोल क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति से फर्जीवाड़े से सैंकण्ड हैण्ड कार बेचने और फर्जी दस्तावेज का प्रकरण दर्ज हुआ है। पीडि़त ने महामंदिर थाने में इसकी रिपोर्ट देकर दो लोगों को नामजद किया है।

पुलिस ने दो ठगों प्रवीण परिहार और सौरभ सक्सेना को नामजद किया है। परिवादी से 4.17 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। 3.90 लाख रुपए में सेकंड हैंड कार खरीदी और आरसी नाम ट्रांसफर के लिए 27 हजार और दिए। मगर दोनों नामजद आरोपियों ने पीड़ित को ना तो आरसी ट्रांसफर करवाई और ना ही गाड़ी के दस्तावेज दिए। गाड़ी बेचते समय भी आरोपी ने आरसी पीड़ित को दी। जिसे बाद में वापस रिन्यू करवाने के नाम पर ले ली।

परिवादी व्यास ने महामंदिर थाने में मामला दर्ज करवाया है। इसकी जांच एएसआई रमेश बिश्नोई को सौंपी है।
महामंदिर पुलिस ने बताया कि चांदपोल निवासी अरुण कुमार व्यास ने रिपोर्ट में बताया कि प्रवीण परिहार यूज्ड कार की डीलिंग करता है। अगस्त 2025 में उसने होंडा सिटी डीजल बेचने की बात कही।

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सौदा 3.90 लाख रुपए में तय हुआ। 9 सितंबर 2025 को घर पर पत्नी और बेटे के सामने पूरी रकम प्रवीण को दी गई। इसके बाद प्रवीण ने सेल लेटर पर हस्ताक्षर कर उसे दे दिया और कार की मूल आरसी भी सौंप दी। फरवरी 2026 तक खरीदार लगातार कार अपने नाम करवाने के लिए प्रवीण से संपर्क करता रहा,लेकिन वह टालमटोल करता रहा।

बाद में प्रवीण ने बताया कि उसने कार ब्यावर के डीलर सौरभ सक्सेना से खरीदी थी और उसी के जरिए आरसी ट्रांसफर होगी। इसके बाद खरीदार ने सौरभ से संपर्क किया।

भरोसे में लेकर आरसी वापस ली और रुपए मांगे 
रिपोर्ट में बताया कि मार्च में प्रवीण परिवादी अरूण व्यास के घर पहुंचा और बताया कि सौरभ ने मूल आरसी और सेल लेटर मांगे हैं। आरसी ट्रांसफर की प्रक्रिया के लिए खरीदार ने दोनों दस्तावेज उसे सौंप दिए। इसके बाद सौरभ और प्रवीण ने कथित तौर पर 27 हजार रुपए ट्रांसफर के लिए मांगे,जिन्हें शिकायतकर्ता ने सौरभ के गूगल-पे खाते में भेज दिया। सौरभ ने रकम मिलने की पुष्टि कर उसी दिन गाड़ी ट्रांसफर कराने का भरोसा दिया। इसके बाद भी आरसी ट्रांसफर नहीं हुई।

फोन बंद,घर पर मिला ताला 
21 मई को सौरभ ने खरीदार से आधार कार्ड और पैन कार्ड मांगे। शिकायतकर्ता ने दोनों दस्तावेज वॉट्स एप से भेज दिए। अगले दिन सौरभ ने कार का इंश्योरेंस और पीयूसी एक्सपायर होने की बात कहते हुए उसे रिन्यू कराने को कहा। शिकायतकर्ता ने इंश्योरेंस रिन्यू करवाकर उसकी कॉपी भी भेज दी।

पीड़ित का कहना है कि काफी समय बीतने के बाद भी जब आरसी ट्रांसफर नहीं हुई तो शिकायतकर्ता ने प्रवीण से संपर्क करने की कोशिश की। मगर उसका फोन बंद था। जब उसके घर पहुंचा तो वहां भी ताला लगा था।आस-पास पूछताछ करने पर प्रवीण के लंबे समय से घर नहीं आने और फरार होने की बात सामने आई।

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