भारतीय रेलवे इलेक्ट्रिफ़िकेशन में ग्लोबल लीडर बना
99.6% ब्रॉड गेज नेटवर्क विद्युतीकृत
नई दिल्ली(दूरदृष्टीन्यूज), भारतीय रेलवे इलेक्ट्रिफ़िकेशन में ग्लोबल लीडर बना। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में जानकारी दी कि भारतीय रेलवे इलेक्ट्रिफ़िकेशन में विश्व स्तर पर अग्रणी बनकर उभरा है।
आवश्यक वस्तुओं का आरक्षित स्टॉक रखने के निर्देश
प्रमुख उपलब्धियां
-99.6% ब्रॉड गेज नेटवर्क का इलेक्ट्रिफ़िकेशन पूरा। इंटरनेशनल यूनियन ऑफ़ रेलवेज़ UIC जून 2025 रिपोर्ट के अनुसार भारत इस मामले में स्विट्ज़रलैंड 100% के बाद दूसरे स्थान पर है।
-ग्लोबल तुलना: चीन 82%,स्पेन 67%,जापान 64%,फ्रांस 60%,UK 39%
-तेज रफ्तार से काम: 2014 से पहले 60 साल में 21,801 रूट किमी, जबकि 2014-2026 में 48,072 रूट किमी का इलेक्ट्रिफ़िकेशन हुआ।
-सभी नई लाइन और मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को इलेक्ट्रिफ़िकेशन के साथ ही मंजूरी दी जा रही है।
पर्यावरण और बचत को बड़ा फायदा
-रेल ट्रांसपोर्ट सड़क की तुलना में 89% कम CO2 उत्सर्जित करता है। 1 टन सामान 1 किमी ले जाने पर सड़क 101 ग्राम,रेल 11.5 ग्राम CO2।
डीज़ल खपत में भारी गिरावट
2015-16 में 293 करोड़ लीटर से घटकर 2024-25 में 108 करोड़ लीटर। इससे विदेशी मुद्रा की बचत और कार्बन उत्सर्जन में कमी।
-उत्तर पश्चिम रेलवे ने अकेले 1 साल में 7.5 करोड़ लीटर डीज़ल बचाया। 2023-24 में 32 करोड़ लीटर से घटकर 2024-25 में 24 करोड़ लीटर।
रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस
-कम-कार्बन ऑपरेशन के लिए 1260 MW से ज्यादा सोलर और विंड पावर क्षमता शुरू।
-जून 2026 तक 1161 MW सोलर और 103 MW विंड पावर प्लांट चालू।
जोन और राज्यवार स्थिति
सेंट्रल,ईस्ट कोस्ट,नॉर्दर्न, वेस्टर्न सहित 15 जोन 100% विद्युतीकृत। बिहार,यूपी,एमपी, गुजरात, राजस्थान 99.8%,दिल्ली,हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र सहित 25 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश 100% विद्युतीकृत।
रेलवे ने इसे ‘मिशन 100% इलेक्ट्रिफिकेशन’ के तहत मिशन मोड में पूरा किया है। इससे न सिर्फ प्रदूषण कम हुआ है बल्कि ट्रेनों की गति और ढुलाई क्षमता भी बढ़ी है।
