योग स्वस्थ जीवन और समग्र कल्याण का वैज्ञानिक मार्ग

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),योग स्वस्थ जीवन और समग्र कल्याण का वैज्ञानिक मार्ग। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर डॉ. प्रदीप जैन,वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ,वात्सल्य चाइल्ड केयर,जोधपुर ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है,बल्कि एक वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित मन-शरीर अभ्यास है जो व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य एवं कल्याण को बढ़ावा देता है।

हजारों वर्ष पूर्व भारत में उत्पन्न योग शारीरिक आसनों (आसन),श्वास नियंत्रण (प्राणायाम) तथा ध्यान (ध्यान) का समन्वय है,जो शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है। आधुनिक चिकित्सा अनुसंधानों ने भी योग के स्वास्थ्य लाभों को प्रमाणित किया है,जिसके कारण आज विश्वभर में इसे पूरक स्वास्थ्य पद्धति के रूप में स्वीकार किया जा रहा है।

वैज्ञानिक अध्ययनों से यह सिद्ध हुआ है कि नियमित योगाभ्यास तनाव,चिंता और अवसाद को कम करने,लचीलापन एवं संतुलन बढ़ाने,रक्तचाप नियंत्रित रखने,हृदय स्वास्थ्य में सुधार करने तथा जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में सहायक है। योग उच्च रक्तचाप,कमर दर्द,दमा, मधुमेह,चिंता विकारों तथा कार्यस्थल से जुड़े तनाव जैसी अनेक समस्याओं के प्रबंधन में भी उपयोगी पाया गया है।

बच्चों और किशोरों में योग एकाग्रता,भावनात्मक संतुलन,शारीरिक क्षमता तथा तनाव से मुकाबला करने की क्षमता को बढ़ाता है। वृद्धजनों में यह संतुलन, शक्ति,लचीलापन और आत्मनिर्भरता में सुधार कर स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था को प्रोत्साहित करता है।

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डॉ.जैन ने बताया कि योग की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सरलता और सर्वसुलभता है। प्रत्येक आयु वर्ग के व्यक्ति अपनी शारीरिक क्षमता एवं स्वास्थ्य के अनुसार योग का अभ्यास कर सकते हैं। हालांकि,प्रारंभिक स्तर पर प्रशिक्षित योग शिक्षक के मार्गदर्शन में अभ्यास करना अधिक सुरक्षित और लाभदायक रहता है।

योग व्यक्ति में आत्म- जागरूकता और सजगता विकसित करता है,जिससे स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और दैनिक जीवन की चुनौतियों का बेहतर सामना करने में सहायता मिलती है। नियमित योगाभ्यास अनेक दीर्घकालिक रोगों के जोखिम कारकों को कम करके निवारक स्वास्थ्य देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सभी नागरिकों से प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योग के लिए समय निकालने का आग्रह किया जाता है। साधारण स्ट्रेचिंग, प्राणायाम और ध्यान जैसी सरल गतिविधियाँ भी शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं।

योग भारत की विश्व को दी गई अमूल्य धरोहर है। यह शरीर,मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित कर स्वस्थ,संतुलित और सुखी जीवन का मार्ग प्रशस्त करता है। आइए, इस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर स्वस्थ,प्रसन्न और संतुलित समाज के निर्माण में योगदान दें।

डॉ.प्रदीप जैन
वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ
वात्सल्य चाइल्ड केयर, जोधपुर