गांव-गांव दौड़ रहे ग्राम रथ: किसान बने आत्मनिर्भर,5 को 25+ पंचायतों में पहुंचेगा अभियान

तारबंदी से थ्रेशर तक,जैविक खेती से खेत तलाई तक काम आसान

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),गांव-गांव दौड़ रहे ग्राम रथ: किसान बने आत्मनिर्भर,5 को 25+ पंचायतों में पहुंचेगा अभियान। 23-25 मई को होने वाली ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट(GRAM) से पहले ग्राम रथ अभियान 2026 ने जोधपुर के गांवों में नवाचार और योजनाओं की अलख जगा दी है। LED वैन और लोक कलाकारों के जरिए आधुनिक खेती,पशुपालन और सरकारी योजनाओं की जानकारी सीधे किसानों के दरवाजे पर पहुंच रही है। 12 मई तक चलने वाले इस अभियान से तारबंदी,मल्टी क्रॉप थ्रेशर,खेत तलाई और जैविक खाद जैसी योजनाओं का लाभ लेकर किसान बदलाव की मिसाल बन रहे हैं।

जैविक खेती की ओर कदम: भजनलाल बिश्नोई बने प्रेरणा
तिंवरी-जुड़ के किसान भजनलाल बिश्नोई ने जैविक गोवर्धन योजना से 10×6×2.5 फीट की खेली बनाकर जैविक खाद तैयार की। बोले अब रसायन मुक्त खेती कर रहे हैं। कृषि विभाग और CM भजनलाल शर्मा का आभार। यह कहानी बता रही है कि जानकारी जमीन तक पहुंचे तो टिकाऊ कृषि का रास्ता खुलता है।

यंत्रों और अनुदान से बढ़ी ताकत
लूणी-सिणली के एक किसान को मल्टी क्रॉप थ्रेशर पर 1 लाख का अनुदान मिला। खेती आसान हुई, उत्पादन बढ़ा।दईपड़ा खिंचीयान के मदनलाल घांची और चाली के हुकमाराम पटेल को तारबंदी योजना में 40-40 हजार अनुदान मिला। खेत सुरक्षित हुए,फसल बची। भोपालगढ़-गारासनी के रामनिवास जाट को खेत तलाई और पाइप लाइन पर अनुदान मिला। सिंचाई मजबूत हुई,पैदावार बढ़ी।

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5 मई का शेड्यूल: 5 विधानसभा क्षेत्रों में दौड़ेगा रथ
जिला कलक्टर आलोक रंजन ने बताया कि मंगलवार को ग्राम रथ इन पंचायतों में पहुंचेगा।
लूणी:-
धवा की मेलबा,लूणावासखारा, चिचडली,हिंगोला,जानादेसर

बिलाड़ा:-
सिंधीनगर,ओलवी,रावर,बाला, लाम्बा

भोपालगढ़:-
रामपुरा,बासनी हरिसिंह, गजसिंहपुरा,मंगेरिया,ढढोरा

ओसियां:-
बीजवाडिया,राजासनी,चौपासनी चारणान,रामपुरा भाटियान,नपा. मथानिया

शेरगढ़:-
प्रहलादपुरा,राजसागर,डेरियां, भालु रतनगढ़,चामू

क्यों खास है अभियान
डिजिटल + लोक कला: LED स्क्रीन पर योजनाओं के वीडियो और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों से जानकारी सरल-प्रभावी तरीके से मिल रही है।

बदलाव का वाहक
लाभान्वित किसान खुद मंच से अन्य किसानों को योजनाओं के लिए प्रेरित कर रहे हैं। गांव-ढाणी में विश्वास और सकारात्मक बयार बनी है।

लाभार्थियों का संदेश
सरकार की योजनाएं आत्मनिर्भर बना रही हैं। खेत तलाई से पानी, थ्रेशर से मशीन,तारबंदी से सुरक्षा, खेती अब घाटे का सौदा नहीं। सभी ने राज्य सरकार का आभार जताया।

निष्कर्ष
ग्राम रथ सिर्फ जागरूकता रथ नहीं,बदलाव का वाहक बन गया है। GRAM 2026 से पहले जोधपुर के किसान तकनीक और योजनाओं से लैस होकर नई कृषि क्रांति के लिए तैयार हो रहे हैं।