अस्पताल में शव रखकर होने वाले प्रदर्शन को रोके पुलिस

  • डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए IMA का पत्र
  • अस्पताल में शव को लेकर धरना अब जेल
  • IMA जोधपुर ने पुलिस आयुक्त से मांगी मृत शरीर सम्मान कानून की सख्ती
  • मृत देह पर राजनीति बंद हो
  • IMA ने मांगा कानून का सख्त पालन
  • 5 साल तक के जेल का प्रावधान

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),अस्पताल में शव रखकर होने वाले प्रदर्शन को रोके पुलिस। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) जोधपुर ने पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर राजस्थान मृत शरीर सम्मान अधिनियम,2023 के सख्त क्रियान्वयन की मांग की है। IMA ने अस्पतालों में शव रखकर धरना-प्रदर्शन रोकने और डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस से सक्रिय सहयोग मांगा।

IMA की 4 बड़ी मांगें
आईएमए ने जोधपुर पुलिस कमिश्नर को पत्र लिख कर चार बड़ी मांग रखी है,जो इस प्रकार हैं।

धरना-प्रदर्शन पर रोक
धारा 18 के तहत परिवार के अलावा कोई भी शव को धरने के लिए इस्तेमाल करे तो 6 महीने से 5 साल तक जेल। IMA ने कहा- पुलिस अस्पताल परिसर में ऐसी सभाओं की निगरानी करे और रोके।

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डॉक्टरों की सुरक्षा
अनधिकृत विरोध में अस्पताल और स्टाफ निशाना बनते हैं। धारा 7 के तहत पुलिस शव को कब्जे में ले ताकि अस्पताल पर दबाव या हिंसा न हो।

शव लेने में मदद
धारा 16 के तहत शव लेना परिवार की जिम्मेदारी है। अगर परिवार मना करे तो पुलिस सहायता दे ताकि स्टाफ के साथ टकराव न हो।

लावारिस शव प्रबंधन
धारा 10-11 के तहत लावारिस शवों की वीडियोग्राफी और DNA प्रोफाइलिंग में पुलिस समन्वय करे।

IMA का कहना है
चिकित्सा समुदाय जीवित और मृत दोनों को गरिमापूर्ण देखभाल देने को प्रतिबद्ध है। पर डॉक्टरों की सुरक्षा और अस्पतालों की कार्यप्रणाली इस कानून के सख्त पालन पर टिकी है।

अनुरोध
सभी थानों को निर्देश दिए जाएं कि अस्पताल में धरने की आशंका पर तत्काल सहायता दें।

पत्र पर IMA जोधपुर की ओर से डॉ.सिद्धार्थ राज लोढ़ा,डॉ.प्रदीप जैन और डॉ.अमित सिंघवी के हस्ताक्षर हैं।

यह अधिनियम शवों के मानवाधिकार बनाए रखने और अंतिम संस्कार रोककर मांग मनवाने की प्रवृत्ति रोकने के लिए बना है।