धमकी व बदनामी के डर से पिता ने किया था सुसाइड
बेटे ने लगाया आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),धमकी व बदनामी के डर से पिता ने किया था सुसाइड। शहर में एक व्यक्लि को लगातार जान से मारने की धमकियां देकर मानसिक रूप से प्रताडि़त करने का मामला सामने आया है। उसके बेटे ने आरोप लगाया है कि बहन को भगाने की घटना के बाद बदनामी और दबाव के चलते उसके पिता ने आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने बेटे की शिकायत पर दो नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एक युवक ने राजीव गांधी नगर थाने में दो लोगों के खिलाफ अपने पिता को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कराया है। परिवाद के जरिए दी गई रिपोर्ट में बताया कि आरोपी उनकी बहन को भगा ले गए। इसके बाद भी उनके पिता को धमकाते रहे। जिससे मानसिक रूप से अवसाद में आ गए और उन्होंने सुसाइड जैसा कदम उठा लिया।
गैंग रेप के वांछित दो नाबालिग निरूद्ध
रिपोर्ट में युवक ने बताया कि उसका परिवार पिछले करीब 20 वर्षों से राजीव गांधी थाना क्षेत्र में रह रहा है। उसके पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। आरोपी पहले मोहल्ले में रहता था और उसने परिवादी की बहन को बहला- फुसलाकर अपने प्रेमजाल में फंसाने का प्रयास किया। जब इस बात का परिवार ने विरोध किया तो आरोपी ने पिता को कई बार धमकाया और बेटी को अपने साथ भेजने का दबाव बनाया।
पीडि़त का कहना है कि आरोपी ने यहां तक कहा कि अगर बेटी को साथ नहीं भेजा तो मौका देखकर उसे उठा ले जाएंगे। परिवार ने सामाजिक बदनामी के डर से उस समय कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। रिपोर्ट के अनुसार, 16 सितंबर 2025 को जब परिवार के अन्य सदस्य बाहर गए हुए थे,तब आरोपी घर पहुंचा और उनके पिता को पिस्तौल दिखाकर डराया। इसके बाद बहन को जबरन गाड़ी में बैठाकर ले गया और शाम को घर के बाहर छोडक़र चला गया। इस घटना के बाद पिता गहरे मानसिक तनाव में आ गए थे।
फरवरी 2026 को आरोपी अपने बहनोई और अन्य लोगों के साथ क्रेटा कार में जोधपुर पहुंचा और योजना बनाकर बहन को घर से भगा ले गया। आरोप है कि जाते समय घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात और नकदी भी साथ ले गए। पीडि़त ने आरोप लगाया कि घटना के बाद आरोपी और उसके साथी लगातार पिता पर दबाव बनाते रहे। विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जाती थी और समाज में बदनाम करने की बात कही जाती थी। इन लगातार धमकियों और मानसिक प्रताडऩा से परेशान होकर पिता गहरे अवसाद में चले गए और आखिरकार छह मार्च को उन्होंने आत्महत्या कर ली।
