कार्डियक अरेस्ट से हुई थी मौत कंपाउंडर की लापरवाही आई सामने

  • प्रेम बाईसा मृत्यु प्रकरण
  • पुलिस ने 18वें दिन किया खुलासा
  • फेफड़ों की बीमारी से अस्थमा

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),कार्डियक अरेस्ट से हुई थी मौत कंपाउंडर की लापरवाही आई सामने।कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत हार्ट अटैक से हुई थी। जोधपुर पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने यह खुलासा शनिवार शाम किया है। कमिश्नर ने बताया कि मेडिकल बोर्ड की विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार साध्वी की मौत का मुख्य कारण फेफड़ों की गंभीर बीमारी के चलते आया हार्ट अटैक (कार्डियोपल्मोनरी अरेस्ट) था। हालांकि,जांच में यह भी सामने आया है कि इलाज के दौरान कंपाउंडर देवी सिंह की ओर से नियमों की अनदेखी की गई। इस स्थिति में लापरवाही सामने आई।

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि 12 फरवरी को मिली एफएसएल रिपोर्ट और हिस्टोपैथोलॉजिकल रिपोर्ट के आधार पर बोर्ड ने निष्कर्ष निकाला है कि मौत शॉक के कारण हुई,जो फेफड़ों की बीमारी (अस्थमा/सीओपीडी) के परिणामस्वरूप आए कार्डियोपल्मोनरी अरेस्ट से हुई।

कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि साइंटिफिक जांच और इन्वेस्टिगेशन में साध्वी के शरीर में जहर नहीं पाया गया है। साथ ही किसी भी प्रकार के यौन अपराध या बाहरी व आंतरिक चोट के निशान भी शरीर पर नहीं मिले हैं। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित एसआईटी ने इस मामले में हर स्तर पर साक्ष्य जुटाए हैं।

44 लोगों के लिए बयान,इन बिंदुओं पर की गई जांच 
जांच दल ने अब तक 44 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। साथ ही 106 लोगों की कॉल डिटेल और सोशल मीडिया एक्टिविटी का विश्लेषण किया गया है। साध्वी की मेडिकल हिस्ट्री खंगाली गई,जिसमें वे किन डॉक्टरों के संपर्क में थी और पूर्व में कौन सी दवाइयां ले रही थी,इसका पूरा ब्योरा जुटाया गया है।

घटनाक्रम की सटीक टाइमलाइन तैयार करने के लिए सीसीटीवी फुटेज और उस दौरान मिलने वाले लोगों के बयानों का सहारा लिया गया है। जांच में सबसे गंभीर तथ्य कंपाउंडर देवी सिंह की ओर से दिए गए इंजेक्शन को लेकर सामने आया है।

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यह है मामला 
जोधपुर शहर के बोरानाडा इलाके में आरती नगर स्थित आश्रम में 28 जनवरी को साध्वी प्रेम बाईसा की तबीयत बिगड़ी थी। तब उन्हें जुकाम होने और सांस लेने में परेशानी होना बताया गया था। तब इलाज के लिए कंपाउंडर देवीलाल सिंह को बुलाया गया था। कंपाउंडर देवीसिंह ने दो इंजेक्शन लगाए थे। इंजेक्शन लगने के तुरंत बाद उनकी तबीयत अचानक और ज्यादा बिगड़ गई थी। परिजन उन्हें लेकर पाल रोड स्थित प्रेक्षा हॉस्पिटल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया था। साध्वी के पिता वीरमनाथ हॉस्पिटल से शव को आरती नगर स्थित आश्रम ले आए थे। पुलिस की दखल के बाद देर रात को शव एमजीएच मोर्चरी में रखवाया था।

इसके अगले दिन 29 जनवरी को देर शाम एमजीएच हॉस्पिटल में पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया था। तीस जनवरी को बाड़मेर के परेऊ गांव में साध्वी प्रेम बाईसा को समाधि दी गई थी। दो फरवरी को विसरा सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। 11 दिन में एफएसएल जांच पूरी हुई। इसके बाद रिपोर्ट गुरुवार को जोधपुर पुलिस को सौंप दी गई। पुलिस ने एफएसएल जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर विशेषज्ञों से भी राय ली।

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