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बदलते भारत में युवाओं को तय करनी होगी अपनी भूमिका -शेखावत

बदलते भारत में युवाओं को तय करनी होगी अपनी भूमिका -शेखावत

एबीवीपी के अधिवेशन में केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री का संबोधन

जोधपुर,स्थानीय सांसद और केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत आज बदलाव के दौर से गुजर रहा है। इस बदले हुए दौर में देश के युवाओं को भी राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका तय करनी होगी, ताकि 25 साल बाद जब वे आजादी की सौंवी वर्षगांठ मनाएं,तब वे देश के प्रति अपने योगदान पर गर्व कर सकें।

शेखावत शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 58वें अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि परिवर्तन तो शास्वत है,लेकिन संपरिवर्तन कभी-कभी ही होता है। आज देश इसी संपरिवर्तन या बदलाव के दौर से गुजर रहा है। इस दौर में देश के विकास में सबको विशेष कर युवाओं को अपना-अपना योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि आज हमें भारतीय होने पर गर्व होता है। भारत एक नए मुकाम पर खड़ा है।

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सफलताओं के नित नूतन अध्याय लिखे जा रहे हैं। इस सफलता की अधिकारी केवल सरकारें ही नहीं हैं। एबीवीपी जैसी सामाजिक संस्थाएं भी हैं, जिन्होंने नेपथ्य में रहकर संस्कार युक्त पीढ़ी का सर्जन किया है। देश को यहां तक पहुंचाने में अपनी महती भूमिका का निर्वहन किया।

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शेखावत ने राजस्थान के इतिहास को याद करते हुए कहा कि राजस्थान वीरों की धरती है। स्वतंत्रता के आंदोलन और देश के इतिहास में से यदि राजस्थान का इतिहास निकाल दिया जाए तो इतिहास पढ़ने के लिए बहुत कम पन्ने रहेंगे। हजारों वर्षों तक भारत की सभ्यता,संस्कृति पर आक्रमण हुए। उनको देश के युवाओं ने अपने बलिदानों से पराभव किया।

हमारी संस्कृति के मानदंडों को अक्षुण बनाए रखा। उनमेें वीर दुर्गादास जैसे युवा नायक भी हुए, जिन्होंने अपने राज्य की भूमि को बचाकर राजा को वापस लौटा दी और खुद क्षिप्रा के तट पर संन्यासी सा जीवन जिए। आजादी की लड़ाई में अनेक लोगों ने दुर्गादास बनकर संघर्ष किया। अपनी व्यक्तिगत महात्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर देश के लिए काम किया। राष्ट्र की वेदी पर अपने आप को आहूत किया। आज हमें बलिदान नहीं, योगदान देने वाले युवाओं की जरूरत है।

उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे देश के प्रति योगदान में अपनी रचनात्मक भूमिका तय करें। आज हम आजादी के अमृत काल में प्रवेश कर चुके। आजादी के 75 साल तक की इस यात्रा में आज हमारे सामने यह आकलन करने का अवसर है कि स्वतंत्रता सैनानियों ने जिस भारत की कल्पना की थी, क्या हम उसके साथ न्याय कर पाए। तब हमें एक संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा कि जो कुछ अब तक नहीं कर पाए कि उसे आगामी 25 साल में पूरा कर विकसित भारत का निर्माण करने मे अपना योगदान देंगे। हमें अपने राष्ट्र भक्ति से भरे कर्म से बलिदानियों को श्रद्धांजलि देनी होगी। ऐसे समय में जब भारत बदलने के रास्ते में चल पड़ा है। तब निश्चित ही हम सब लोगों का दायित्व और जिम्मेदारी कई गुना बढ़ जाती है।

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देश की जरूरतों के अनुकूल शिक्षा नीति बनी

नई शिक्षा नीति की चर्चा करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की आवश्यकताओं के अनुकूल शिक्षा नीति बनी है। अंग्रेजों के शासन काल में मैकाले ने ऐसी शिक्षा नीति तैयार की,जो उस दौर के शासन के लिए बाबू तैयार कर सके। आजादी के बाद दो बार भारत की शिक्षा नीति बनी, तब दोनोंं ही बार यह ध्यान रखा गया कि जिस प्रकार के कर्मचारी सरकारों को चाहिए, वैसे लोग तैयार हो सके। पहली बार ऐसी शिक्षा नीति बनी है, जो देश के अनुकूल है।

“यंग इंडिया रन” में हुए शामिल

केन्द्रीय मंत्री शेखावत स्वामी विवेकानंद की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस पर भाजमुयो जोधपुर देहात दक्षिण द्वारा आयोजित मैराथन दौड़ “यंग इंडिया रन” में शामिल हुए। उन्होंने शास्त्री नगर सर्किल पर यंग इंडिया रन को हरी झंडी दिखाई। शेखावत ने कहा कि युवाओं का उत्साह देख कर खुशी हुई। महन्त प्रतापपुरी,पूर्व मंत्री कमसा मेघवाल सहित मोर्चा पदाधिकारी मौजूद थे।

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