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नाबालिग बहनों के अपहरण में उत्तराखंड का गैंगस्टर गिरफ्तार

  • ओलो पार्टी ऐप से दोस्ती कर फांसा
  • भोपाल से पकड़ लाई पुलिस
  • हत्या के चार मुकदमे
  • पत्नी की हत्या की आशंका में शरीक
  • होटल में पकड़ा गया अपराधी

जोधपुर,शहर के माता का थान इलाके में गत 16 नवंबर को नाबालिग सहित उसकी बहन के अपहरण के केस में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए उत्तराखंड के एक गैंगस्टर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल करते हुए दोनों बहनों को भोपाल की एक होटल से दस्तयाब किया है। आरोपी ओलो ऐप से दोस्ती कर दोनों बहनों को फांसने के बाद उनके ही घर में 20-25 दिनों तक रहा और 16 नवंबर को अपहरण कर ले गया।

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कमिश्नरेट की स्पेशल टीम और माता का थान पुलिस भोपाल से अपराधी को पकड़ जोधपुर लाई है। अब तक की जांच में सामने आया कि अपराधी चार हत्या के प्रकरणों में शामिल रहा है। उसका और भी आपराधिक रिकार्ड जांचा जा रहा है। पुलिस उपायुक्त पूर्व डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि गत 16 नवंबर को दो बहनों के अपहरण किए जाने के संबंध में मामला दर्ज हुआ था। जिसमें एक बहन नाबालिग थी। इस पर पुलिस ने अपहरण एवं पॉक्सो में केस दर्ज करते हुए गंभीरता से लिया।

कमिश्ररेट पुलिस के साथ साइबर टीम को इसमें लगाया गया। डीसीपी डॉ. दुहन ने बताया कि आरंभिक पड़ताल करते हुए सामने आया कि पीडि़त परिवार के घर में एक व्यक्ति आकर रूका था। जिसने अपना नाम इनको अंशु राजपूत होना बताया। मगर बाद में पता लगा कि उसने अपनी एक फर्जी आईडी से नाम विवेक प्रजापत होना भी रखा है। मामला गंभीर प्रकृति का लगने पर पता लगाया गया।

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पुलिस ने बहनों सहित आरोपी का पता लगाने के लिए टीमों को बाहर भेजा। बाद पता लगा कि वह अजमेर में किशनगढ़ में है। मगर इस बीच पता लगा कि वह भोपाल में है जो एक होटल में ठहरा है। इस पर भोपाल डीसीपी क्राइम से बात कर उन्हें अवगत कराया गया। भोपाल पुलिस की मदद से आरोपी को एक होटल से डिटेन कर लिया गया। साथ में दोनों बहनों को होटल से दस्तयाब किया गया।

बड़ा गैंगस्टर और चार हत्याओं में शामिल

डीसीपी डॉ. दुहन ने बताया कि आरोपी उत्तराखंड के गिरीताल कॉलोनी के रहने वाले हितेंद्र कुमार को पकड़ा गया है। अब तक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी चार हत्याओं के केस में शामिल रहा है। दो में तो नामजद रहा है। वर्ष 2005 में संत ज्ञानेश्वर में एके 47 से हत्या के केस में शामिल रहा है साथ ही वर्ष 2007 में फरीदकोट में भी हत्या के केस में शामिल पाया गया। साल 2012 में उसकी पत्नी लापता हो गई थी। जिसके पीहर पक्ष ने भी ने उस पर हत्या किए जाने की आशंका जताई है, जिस पर अभी जांच लंबित है।

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हत्या, हत्या प्रयास लूट के केस दर्ज

डीसीपी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ हत्या,हत्या प्रयास,लूट सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज हैं। वह हरियाणा,उत्तरप्रदेश,मध्यप्रदेश एवं राजस्थान में बड़ी वारदातों में शरीक रहा है।

ओलो पार्टी ऐप से आया संपर्क में

माता का थान केस में सामने आया कि वह ओलो पार्टी ऐप चलाता है जिससे वह परिवार की लड़कियों से संपर्क में आया। साथ ही दोस्ती कर घर तक दस्तक दे दी।

अंजान से दोस्ती न करें, खाता संख्या या पैसों का ट्रांजेक्शन न करें:

डीसीपी डॉ.अमृता दुहन ने आमजन से विशेष कर लड़कियों या महिलाओं से अपील की है कि सोशल मीडिया से अंजान व्यक्ति से दोस्ती न करें न ही उन्हें अपने बारे में बताएं। बैंक खाता संबंधी जानकारी भी साझा न करें। साथ ही ऑनलाइन ट्रांजेक्शन जैसी बातों से बचें। खुद अपनी सुरक्षा कर बुरे कार्यों से बच कर रहें।

परिवार को दिया था नौकरी और पैसों का लालच

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने पीडि़त परिवार के लोगों से दोस्ती गाढऩे के साथ पैसों का लालच दिया और नौकरी दिलाने की बात की। खुद को बड़ा आसामीं बताया था।

लड़कियों को बुरे कामों में धकेल अथ्याशी करता

गैंगस्टर बड़ा शातिर है। वह कमजोर महिलाओं या लड़कियों से दोस्ती करता और फिर उसका फायदा उठाकर बुरे कामों में धकेल कर उनके पैसों से अययाशी करता है।

दीपावली के आस पास आया फिर गया

जांच में पता लगा कि आरोपी दिपावली के आसपास आया था। फिर 8 नवंबर को चला गया और फिर 16 नवंबर को लौटा और लड़कियों का अपहरण कर ले गया। अब उसके खिलाफ दुष्कर्म,पॉक्सो एक्ट सहित कई अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

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