जेएनवीयू में एकदिवसीय मध्यस्थता कार्यशाला आयोजित

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),जेएनवीयू में एकदिवसीय मध्यस्थता कार्यशाला आयोजित। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय,जोधपुर के विधि संकाय में एकेडमिक क्लब के तत्वावधान में एकदिवसीय मध्यस्थता (मेडिएशन) कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विधि विद्यार्थियों को मध्यस्थता अधिनियम 2023 के प्रावधानों से अवगत कराना तथा वैकल्पिक विवाद समाधान की प्रक्रिया को व्यवहारिक रूप में समझाना रहा।

कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को मध्यस्थता अधिनियम 2023 की अवधारणा,प्रक्रिया,महत्व एवं न्यायिक व्यवस्था में इसकी उपयोगिता के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि यह रही कि विद्यार्थियों के समक्ष एक प्रतीकात्मक (मॉक)मध्यस्थता प्रकरण प्रस्तुत कर उसे मध्यस्थता की प्रक्रिया के माध्यम से सफलता पूर्वक सुलझाया गया।

मॉक मेडिएशन में टीम ए की ओर से वकास अहमद सिद्दीकी एवं निरंजन प्रताप सिंह ने पक्षकारों की भूमिका निभाई,जबकि टीम बी की ओर से उज़िला अर्शद खान,देवांशी गोयल ने प्रभावशाली प्रस्तुति दी। इस मॉक मध्यस्थता प्रकरण में मुख्य मध्यस्थ(Chief Mediator) की भूमिका नवनीता मुद्दगल ने निभाई,जिन्होंने पूरे प्रकरण को संतुलित एवं निष्पक्ष रूप से संचालित करते हुए समाधान तक पहुँचाया।

कार्यशाला के विशेषज्ञ वक्ता धीर श्रीवास्तव ने मध्यस्थता की विधि, मध्यस्थ की भूमिका,पक्षकारों के अधिकार एवं दायित्व तथा न्यायालयों में लंबित मामलों को कम करने में मध्यस्थता की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर विधि संकाय के अधिष्ठाता प्रोफेसर डॉ.सुनील आसोपा ने मध्यस्थता के लाभ बताते हुए कहा कि वर्तमान में मध्यस्थता एक प्रभावी,समयबद्ध एवं किफायती समाधान प्रणाली के रूप में उभर रही है,जिसे विधि विद्यार्थियों को गहराई से समझना चाहिए।

विभिन्न स्थानों से दुपहिया वाहन चोरी

कार्यक्रम में प्रोफेसर डॉ.एसपी मीणा ने विधि संकाय के आगामी शैक्षणिक एवं व्यवहारिक कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान करते हुए विद्यार्थियों को सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में संचालन समिति के सदस्यों संस्कृति,प्रथम खींची, नेहा चौहान,रीतू कुमावत,चन्द्र प्रकाश टाक एवं समर्पण मोदी का महत्वपूर्ण योगदान रहा,जिनके समन्वय से कार्यशाला सुव्यवस्थित संपन्न हुई।

कार्यक्रम के अंत में विधि कार्य के प्रदेश संयोजक जुजार सिंह परमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने अतिथियों,वक्ताओं, संकाय सदस्यों, आयोजन समिति एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। यह कार्यशाला विधि विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुई तथा उन्हें मध्वस्थता की व्यवहारिक समझ विकसित करने का अवसर प्राप्त हुआ।