जटिल जबड़ा सर्जरी से वर्षों से बंद मुंह खुला
- एमडीएम अस्पताल की उपलब्धि
- युवती ने फिर से खाना शुरू किया
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),जटिल जबड़ा सर्जरी से वर्षों से बंद मुंह खुला। डॉ.एसएन मेडिकल कॉलेज से संबद्ध एमडीएम अस्पताल के ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग ने जटिल सर्जरी कर एक युवा महिला को नई जिंदगी दी है। वर्षों से बंद मुंह के कारण भोजन तक नहीं कर पा रही मरीज अब सामान्य रूप से खा-पी रही है।
मरीज टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट एंकिलोसिस से पीड़ित थी। इस गंभीर बीमारी में जबड़ा पूरी तरह जकड़ जाता है। महिला का मुंह केवल कुछ मिलीमीटर ही खुलता था,जिससे खाने-पीने में भारी परेशानी हो रही थी।
एमडीएम अस्पताल के दन्त विभाग द्वारा किए 3डी सीटी स्कैन में जबड़े के जोड़ में हड्डी जुड़ जाने यानी बोनी एंकिलोसिस की पुष्टि हुई। इसके बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने गैप/इंटरपोजिशनल आर्थ्रोप्लास्टी सर्जरी कर जबड़ा मुक्त किया। सर्जरी के दौरान ही मुंह का खुलाव सामान्य स्तर तक पहुंच गया। मरीज अब तेजी से स्वस्थ हो रही है।
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खास बात
यह जटिल सर्जरी डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में पूरी तरह स्वतंत्र रूप से की गई। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (एमएए) योजना के तहत मरीज को निःशुल्क इलाज मिला। निजी अस्पतालों में यह सर्जरी लाखों की होती है, जो गरीब मरीजों के लिए मुश्किल है।
सर्जरी टीम में डॉ.चंद्रशेखर चट्टोपाध्याय,डॉ.चारू चौहान,डॉ.ममता पटेल,डॉ. आयुष,डॉ.सुगंधा जैन,डॉ. अविनाश,डॉ.नेहा,डॉ. जोगाराम और डॉ.निखिल शामिल रहे। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. प्रमिला सोनी और डॉ.राकेश कावड़ ने अहम भूमिका निभाई।
विभागाध्यक्ष डॉ.विकास देव,एमडीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ.विकास राजपुरोहित तथा प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ.बीएस जोधा ने टीम को बधाई दी और इसे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
