न्यायाधीशों अधिवक्ताओं ने किया सामूहिक योगाभ्यास
राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),न्यायाधीशों अधिवक्ताओं ने किया सामूहिक योगाभ्यास।12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राजस्थान उच्च न्यायालय,जोधपुर परिसर में रविवार प्रातः 7 से 7:30 बजे तक गरिमामय योग समारोह का आयोजन किया गया।
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इस अवसर पर न्यायाधी शो,अधिवक्ताओं,
न्यायालय के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार सामूहिक योगाभ्यास किया तथा योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
योग भारतीय संस्कृति की धरोहर: जस्टिस भाटी
कार्यक्रम का शुभारंभ न्यायाधीश डॉ.पुष्पेन्द्र सिंह भाटी के प्रेरक उद्बोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है,जो शारीरिक,मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है। नियमित योगाभ्यास से तनाव में कमी,रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि तथा जीवन में सकारात्मकता एवं संतुलन का विकास होता है।
योगासन और प्राणायाम का अभ्यास
संचालन आनंद जोशी ने किया। प्रशिक्षित योग शिक्षिका नीतू कच्छवाह एवं उनकी टीम के निर्देशन में प्रतिभागियों ने सूर्य नमस्कार,विभिन्न योगासन, कपालभाति,अनुलोम- विलोम,भ्रामरी प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। योगाभ्यास के माध्यम से स्वस्थ जीवन शैली,मानसिक शांति एवं कार्यक्षमता बढ़ाने का संदेश दिया गया।
ये न्यायाधीश थे उपस्थित
कार्यक्रम में न्यायाधीश डॉ.पुष्पेन्द्र सिंह भाटी, न्यायाधीश कुलदीप माथुर,न्यायाधीश चन्द्र शेखर शर्मा,न्यायाधीश सुनील बेनीवाल तथा न्यायाधीश बलजिन्दर सिंह संधू उपस्थित थे।
अधिवक्ता संगठनों ने भी लिया भाग
राजस्थान उच्च न्यायालय लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिलीप सिंह उदावत,राजस्थान उच्च न्यायालय ऐडवोकेट्स एसोसिएशन के पदाधिकारी,अतिरिक्त महाधिवक्ता नाथूसिंह राठौड़,न्यायालय रजिस्ट्री के अधिकारी-कर्मचारी, डॉक्टर्स एसोसिएशन तथा कॉन्फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।
प्रतिभागियों ने कहा कि योग केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता,अनुशासन, आत्मनियंत्रण एवं सामूहिक कल्याण का प्रभावी आधार है। न्यायिक दायित्वों के प्रभावी निर्वहन में मानसिक संतुलन एवं एकाग्रता बनाए रखने के लिए नियमित योगाभ्यास जरूरी है।
समारोह का समापन राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ हुआ। सभी ने योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने तथा समाज में जनजागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।
