आईआईएचटी में मनाया 12वां राष्ट्रीय हथकरघा दिवस

प्रदर्शनी,प्रतियोगिताओं और विचार गोष्ठी के माध्यम से युवाओं को स्वदेशी परंपरा से जोड़ा

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),आईआईएचटी में मनाया 12वां राष्ट्रीय हथकरघा दिवस। वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएचटी) जोधपुर में 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

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कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं आमजन में भारतीय हथकरघा की समृद्ध परंपरा, सांस्कृतिक विरासत तथा आत्मनिर्भर भारत में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईसीएमआर,जोधपुर के निदेशक प्रो.(डॉ) पंकज भारद्वाज थे। विशिष्ट अतिथियों में राजस्थान पुलिस के सहायक पुलिस आयुक्त संदीप सिंह, आईसीएमआर के वैज्ञानिक डॉ.रमेश सांगवान,वस्त्र विशेषज्ञ राजेश कल्ला,राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त बुनकर माधुराम, रविवीर चौधरी तथा मनीष माथुर उपस्थित थे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. केजे शिवज्ञानम ने की। उन्होंने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हथकरघा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान एवं आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक है।

उन्होंने विद्यार्थियों से पारंपरिक हस्तकला एवं आधुनिक तकनीक के समन्वय के माध्यम से हथकरघा क्षेत्र को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि प्रो.(डॉ.) पंकज भारद्वाज ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय हथकरघा हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग है तथा इसे नई पीढ़ी तक पहुँचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने पारंपरिक कौशल के संरक्षण एवं नवाचार के महत्व पर बल दिया।
इस अवसर पर संस्थान में हथकरघा उत्पाद प्रदर्शनी, तकनीकी प्रदर्शन,विचार गोष्ठी,पोस्टर, निबंध एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर विद्यार्थियों एवं बुनकरों द्वारा तैयार उत्कृष्ट हस्तनिर्मित उत्पादों की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त बुनकर माधुराम को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।