जोधपुर मंडल पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने को तैयार

जोधपुर मंडल पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने को तैयार

  • 28 को संरक्षा आयुक्त करेंगे कार्य का निरीक्षण
  • डीआरएम ने पूर्व निरीक्षण कर लिया तैयारियों का जायजा

जोधपुर, उत्तर-पश्चिम रेलवे का जोधपुर मंडल अपने इतिहास की पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने को तैयार है। संरक्षा आयुक्त के निरीक्षण के बाद कभी भी मंडल के जोधपुर-मारवाड़ जंक्शन के बीच पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ सकती है। इसके साथ ही इस रेल खंड पर लगाए गए तारों में करंट प्रवाहित कर दिया गया है।

जोधपुर-लूणी-मारवाड़ जंक्शन रेल खंड पर विद्युतीकरण कार्य का बुधवार को निरीक्षण करने के बाद मंडल रेल प्रबंधक गीतिका पांडेय ने बताया कि जोधपुर-लूणी-मारवाड़ जंक्शन खण्ड इलेक्ट्रिक ट्रेन संचालित करने के लिए करीब-करीब तैयार है तथा 28 मार्च को पश्चिम क्षेत्र के संरक्षा आयुक्त आरके शर्मा के इस खंड पर करवाए गए विद्युतीकरण कार्य का निरीक्षण करने के बाद जोधपुर रेल मंडल में एक नए युग की शुरुआत हो जाएगी।

जोधपुर मंडल पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने को तैयार

पांडेय ने कहा कि जोधपुर-मारवाड़ जंक्शन खंड पर इलेक्ट्रिक ट्रेन की शुरुआत होते ही मंडल इस माध्यम से अहमदाबाद, मुम्बई व आगे मुख्य मार्गों से जुड़ जाएगा जिससे यात्रियों को तो सुविधा मिलेगी ही साथ ही साथ माल गाड़ियों का संचालन भी सुगमता से किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जोधपुर मंडल पर दोहरीकरण कार्य के साथ-साथ विद्युतीकरण कार्य होना विकास की दिशा में क्रान्तिकारी कदम साबित होगा।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्युतीकरण कार्य में लगे अधिकारियों व कार्मिकों की प्रशंसा की। शेष कार्य व कमियों को शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

रेलवे की आम लोगों को चेतावनी

जोधपुर रेल मंडल प्रशासन ने मारवाड़ जंक्शन से लूणी रेलखंड के बीच रेल पटरियों के ऊपर लगे बिजली के तारों में 25 किलोवोल्ट हाई वोल्टेज प्रवाहित होने के कारण आम जनता को चेतावनी दी है कि वे बिजली कर्षण के तारों और उनकी फिटिंग से दूर रहें।आम लोगों को रेलवे ने आगाह किया है कि वे इन तारों और फिटिंग्स के पास न जाएं अथवा इनके संपर्क में ना आए और ना ही बांस की बल्लियां व धातु की छड़ों आदि से इन्हें छुएं, क्योंकि ऐसा करना खतरनाक है। यात्री रेल यात्रा करते समय रेल के डिब्बों के ऊपर चढ़कर यात्रा नहीं करें। रेलवे ने जोधपुर लूणी-मारवाड़ जंक्शन खंड के सभी समपारों पर सड़क सतह से 4.78 मीटर की ऊंचाई पर गेज लगाए हैं ताकि बहुत ऊंचाई वाले लोड को विद्युन्मय कर्षण तार की खतरनाक सन्निकटता व संपर्क में आने से रोका जा सके।

रेलवे ने जनसाधारण को सूचित किया है कि वह वाहनों के लदान के प्रयोजन के लिए उक्त ऊंचाई की पालना करें। बस या अन्य किसी वाहन की छत पर चढ़कर समपार को पार नहीं करें इसके संपर्क में आने के कारण आग और जीवन हानि का खतरा रहता है।

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