नौ दिवसीय शिल्प समागम मेले का शुभारंभ

नौ दिवसीय शिल्प समागम मेले का शुभारंभ

  • शिल्पियों के जीवन को बेहतर कर उन्हे आत्मनिर्भर बनाना सरकार का मुख्य ध्येय
  • शिल्प कला और उत्पादों को मिल रहा प्रोत्साहन

जोधपुर,नौ दिवसीय शिल्प समागम मेले का शुभारंभ। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने गुरुवार को जोधपुर के श्रीराम मैदान रावण का चबूतरा में 29 फरवरी से 8 मार्च तक आयोजित होने वाले नौ दिवसीय शिल्प समागम मेले का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।

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शिल्पियों को आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिलते हैं
इस अवसर पर केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री शेखावत ने कहा कि शिल्पियों के जीवन को बेहतर और उन्हें आत्म निर्भर बनाने के उद्देश्य से देशभर में शिल्प मेलों का आयोजन किया जा रहा है। इन मेलों के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों के शिल्पियों की कला और उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
उन्हें अपने उत्पादों के विक्रय की सुविधा भी एक ही छत के नीचे मिल सकेगी। शेखावत ने कहा कि भारत सरकार द्वारा देश भर में शिल्प समागम मेलों का आयोजन किया जा रहा है। प्रथम शिल्प समागम मेले का आयोजन ग्वालियर में किया गया। हम सब के लिए यह खुशी की बात है कि पांचवें शिल्प समागम मेले का आयोजन सूर्यनगरी जोधपुर में किया जा रहा है। इस मेले में विभिन्न राज्य से आए शिल्पी अपने-अपने उत्पादों का प्रदर्शन और उनका विक्रय करेंगे।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना सबका साथ,सबका विकास साकार हो रहा है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में दस्तकारों को विभिन्न प्रकार के ट्रेंड्स में प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। देश के महिला सहायता समूह की लगभग 1 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी के तहत आत्मनिर्भर बनाया गया। आने वाले समय में इसे बढ़ाकर 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जायेगा।

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शिल्प मेले का अवलोकन व शिल्पियों से की चर्चा
केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री शेखावत और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री गहलोत ने शिल्प समागम मेले का अवलोकन किया। शिल्पियों के काउण्टर पर पहुंचकर उनसे उत्पादों को तैयार करने,उत्पादों के विक्रय बढ़ाने सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।

शिल्पियों को आत्म निर्भर बनाने के लिए ऐसे मिले कारगर
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री गहलोत ने कहा कि शिल्पियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में इस प्रकार के मेले कारगर साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा गरीब व वंचितों के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। जिसका लाभ वास्तविक पात्र व्यक्तियों को मिल रहा है।

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केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के केंद्रीय प्रबंध निदेशक रजनीश जेनव ने शिल्प समागम मेले की जानकारी देते हुए बताया कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के शीर्षश निगम समाज के लक्षित वर्ग को 3 से 9 प्रतिशत की दर आसानी से ऋण उपलब्ध कराते हैं। जिससे ये वर्ग आत्मनिर्भर और सशक्त हो सके। समाज के पिछड़े और लक्षित वर्ग के उत्थान के उद्देश्य से आयोजित इस मेले का उद्देश्य लगभग 14 राज्यों के 100 अनुसूचित जाति,पिछड़े वर्ग और सफाई कर्मचारियों के लाभार्थी को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के साथ बड़ा मंच प्रदान करना है।

देश के विभिन्न राज्यों के शिल्पी निभा रहे भागीदारी
मेले में देश के भिन्न-भिन्न राज्यों के उत्कृष्ट हस्तशिल्प,हथकरघा, हर्बल और हैंडमेड प्रोडक्ट्स प्रदर्शन के साथ ही बिक्री के लिए भी उपलब्ध होंगे।

देशभर के स्वादिष्ट पकवानों का स्वाद ले सकेंगे
मेले में देश भर के स्वादिष्ट पकवान का स्वाद लिया जा से सकेगा। अलग-अलग प्रकार के पकवान विभिन्न स्थलों पर उपलब्ध रहेंगे।

प्रतिदिन शाम को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम
मेले में प्रतिदिन शाम को रंगारंग संस्कृत कार्यक्रम का आयोजन होगा। देश के अनेक राज्यों के कलाकार अपनी शानदार प्रस्तुति देंगे। मुबंई के प्रसिद्ध कलाकर बालीवुड सिंगिंग, फोक डांस,भांगड़ा,भोजपुरी संगीत, शास्त्रीय नृत्य और कवि सम्मेलन में कवियों की प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में लोगों को आकर्षित करेंगे। इस मेले में बच्चों के लिए झूलों सहित सुसज्जित किंड्ज़ ज़ोन में मस्ती बिल्कुल मुफ्त रहेगी।

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विभिन्न राज्यों की 50 स्टॉल निशुल्क
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम,राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम और नेशनल सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम नई दिल्ली के तत्वावधान में पूरे देश के विभिन्न राज्यों की 50 स्टॉलें निःशुल्क लगाई गई हैं। समारोह में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल व्यास सहित अन्य अधिकारी व नागरिक उपस्थित थे।

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