केरू से निरोगी राजस्थान चिरंजीवी स्वास्थ्य शिविर की शुरुआत

जिला प्रशासन की अनूठी पहल हर गांव होगा चिरंजीवी

जोधपुर, प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की गई महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना से जोधपुर वासियों को शत-प्रतिशत लाभान्वित करने के लिए जिला कलेक्टर इंद्रजीत सिंह ने एक नई व अनूठी पहल करते हुए चिरंजीवी जोधपुर अभियान प्रारंभ किया है। जिला कलेक्टर ने कहा कि चिरंजीवी जोधपुर अभियान के तहत जिले के हर परिवार को इलाज खर्च की चिंता से मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना से निःशुल्क जोड़ा जा रहा है।

केरू से निरोगी राजस्थान चिरंजीवी स्वास्थ्य शिविर की शुरुआत

जिला कलक्टर ने कहा कि निरोगी राजस्थान स्वास्थ्य शिविर में मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का शुंभारभ किया जा रहा है। जिला प्रशासन की मंशा है कि प्रत्येक ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य शिविर में समस्त लाभार्थियों को मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना से जोड़कर सम्पूर्ण ग्राम पंचायत को चिरंजीवी ग्राम पंचायत घोषित किया जाए और इसी प्रकार जिले की सम्पूर्ण ग्राम पंचायतों के परिवारों को योजना में पंजीकृत कर जोधपुर जिले को ‘चिरंजीवी जोधपुर’ घोषित करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि प्रथम ग्राम पंचायत चिरंजीवी घोषित किये जाने पर संबंधित ग्राम पंचायत को सम्मानित किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि इस योजना में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा, सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 लघु एवं सीमांत किसान तथा संविदा कर्मियों के लिए 5 लाख रूपये तक के कैशलेस बीमा का प्रीमियम सरकार वहन करेगी साथ ही अन्य परिवार मात्र 850 रूपये प्रीमियम जमा करवाकर इस योजना से जुड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिले का कोई भी परिवार इस योजना के लाभ से वंचित ना रहे इस उद्देश्य से जिला प्रशासन ने पंजीयन के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है। चिरंजीवी यात्राएं व रैलियां निकाल कर इस अभियान से अधिकाधिक लोगों को लाभान्वित करने के लिए जागरूक भी किया जाएगा।

जिले में 14 नवम्बर रविवार से मुख्यमंत्री निरोगी राजस्थान चिरंजीवी स्वास्थ्य शिविरों का विधिवत शुभारम्भ किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बलवंत मंडा ने बताया कि 14 नवंबर रविवार को मंडोर ब्लॉक के ग्राम पंचायत केरु शिविर का लुणी विधायक महेंद्र बिश्नोई, जिला कलेक्टर इंद्रजीत सिंह, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं जोधपुर जोन संयुक्त निदेशक डॉ.जोगेश्वर प्रसाद द्वारा शुभारंभ किया गया। सीएमएचओ ने बताया कि चिरंजीवी स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन प्रत्येक ग्राम पंचायत में 14 नवम्बर से किया जा रहा है। प्रत्येक ब्लॉक में सप्ताह में दो या तीन कैम्प आयोजित किये जा रहे है।

जिला स्तरीय शुभारंभ शिविर में 334 लोगा हुए लाभान्वित

इस शिविर में 334 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं लाभ लिया। जिसमें से 139 महिला व 195 पुरुषों शामिल थे। 3 क्षय रोग, मुख्यमंत्री राजश्री योजना के 10 व 2 दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी जारी किए गए। 73 नेत्र रोगियों ने आंखों का उपचार करवाया। इस दौरान शिविर में आए 6 गंभीर रोगियों को उच्च स्तर पर रेफर किया गया। 60 लाभार्थियों का कोविड वैक्सीनेशन किया गया। शिविर में 49 मरीजों की मौसमी बीमारियों व अन्य बीमारियों की जांच हेतु सीबीसी(कंप्लीट ब्लड काउंट) जांच की गई।

शिविरों में दी जा रही सुविधाए

इन शिविरों में सभी प्रकार की संचारी, गैर संचारी रोगों सहित सभी बीमारियों की जांच और यथासंभव उपचार किया जा रहा है। शल्य चिकित्सा आवश्यक होने पर सुविधानुसार उच्चतर चिकित्सा संस्थान पर भिजवा कर सर्जरी करवाई जाएगी। 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों का ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की जा रही है। परिवार नियोजन के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कैम्प में आने वाले लोगों की आंखों की जांच की जा रही है। टीबी के सम्भावित रोगियों के टेस्ट और उपचार की व्यवस्था की गई है। शिविर में सिलिकोसिस और कुष्ट रोगों की स्क्रीनिंग भी की जा रही है इसके साथ ही कोविड टीकाकरण से वंचित लोगों का टीकाकरण भी किया जा रहा है।

जिन लोगो ने चिरंजीवी योजना में रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है उनके रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी कैम्पो में उपलब्ध करवा कर उनका रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। शिविरों में स्कूल जाने वाले बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। शिविरों से पूर्व स्कूलों में स्टाफ द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य की प्री स्क्रीनिंग की जा रही है। प्री स्क्रीनिंग में यदि किसी बच्चे को कोई बीमारी पाई जा रही है तो उन्हें शिविरों में उपचार के लिए भिजवाया जा रहा है।

शिविरों में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच विशेषज्ञ चिकित्सक कर रहे हैं। और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उपचार के लिए चिरंजीवी योजना/ आरबीएसके से संबंद्ध अस्पतालों में रैफर किया जा रहा है। जहां उनका उपचार निःशुल्क किया जाएगा। सीएमएचओ ने बताया कि शिविरों में चाइल्ड स्पेशलिस्ट, गायनोलॉजिस्ट, फिजिशियन,मेडिसन,डेंटिस्ट, नेत्र सहायक और आयुष चिकित्सक शिविर स्थलों पर मौजूद हैं। ईसीजी सहित सभी जांच उपकरण एम्बुलेंस, मेडिकल मोबाइल वैन भी उपलब्ध रखी जा रही है।

टेलीमेडिसिन के जरिये आमजन को दिया जा रहा इलाज

शिविरों के दौरान ई संजीवनी के माध्यम से जिला चिकित्सालय स्तर से ईएनटी, चर्म रोग, मनोरोग अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही है, सुपर स्पेशिलिटी के लिए न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी की सेवाएं टेली कंसल्टेंसी के जरिये एसएमएस अस्पताल से उपलब्ध करवाई जा रही है। रवांजना चैड में भी टेलीमेडिसिन व ई संजीवनी हब के जरिये मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श का लाभ दिलवाया गया। डॉ.मंडा ने बताया कि यह अभियान आमजन को उचित उपचार उपलब्ध करवाने के उद्धेश्य से संचालित किए जा रहे हैं।

विशेषकर ग्रामीणजनों को इन स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से बाल रोग, स्त्रीरोग, नेत्र रोग, दंत रोग, आयुष विशेषज्ञों की उपचार-जांच सेवाओं के अतिरिक्त 48 तरह की खून की जांच, टीबी,लीवर संबंधी रोग, पेट संबंधी, गुर्दा, मलेरिया, ईसीजी, 3 कॉमन कैंसर, प्रसवपूर्व जांचे, सिलीकोसिस व कुष्ठ रोगों इत्यादि गंभीर रोगों की जांच सुविधा भी ग्राम पंचायत स्तर पर ही उपलब्ध करवायी जा रही है। इन शिविरों में गंभीर रोगों से ग्रसित रोगियों की पहचान कर उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थानों पर सर्जरी- उपचार हेतु रैफर किया जायेगा। शिविर में इंटरनेट के माध्यम से ई-टेली कंसलटेंसी के जरिए सुपर स्पेशलिटी व स्पेशलिस्टों की ऑनलाईन कंसलटेंसी सेवा हेतु जोड़ा जायेगा। इसके लिए जयपुर के एसएमएस अस्पताल के पांच सुपर स्पेशलिस्ट एवं स्वास्थ्य भवन से 10 विशेषज्ञ चिकित्सक की सेवाएं टेलीकंसलटेंसी के लिए पूरी अभियान अवधि के लिए उपलब्ध रहेंगी।

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