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प्रेमिका की हत्या कर खेत में गाड़ा शव ‘दृश्यम’ देख कर रची साजिश

  • पांच महीने बाद खुला राज
  • पुलिस से बचने के लिए आरोपी ने फिल्म ‘दृश्यम’ के दोनों पार्ट 10 बार से ज्यादा देखे

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),प्रेमिका की हत्या कर खेत में गाड़ा शव ‘दृश्यम’ देख कर रची साजिश। जिले के बिलाड़ा क्षेत्र में प्रेमिका की हत्या कर शव खेत में गाडऩे के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। आरोपी प्रेमी राजू गिरी ने हत्या की साजिश को अंजाम देने से पहले अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम’ के दोनों पार्ट कम से कम 10 बार देखे थे।

फिल्म से आइडिया लेकर उसने शव को ऐसी जगह ठिकाने लगाया कि पुलिस करीब पांच महीने तक उसे तलाश नहीं पाई। आरोपी लगातार पुलिस को अलग-अलग कहानियां बताकर गुमराह करता रहा। पुलिस के अनुसार ब्यावर की रहने वाली लीला देवी और पिचियाक निवासी राजू गिरी के बीच करीब दो साल से प्रेम संबंध था। दोनों की मुलाकात जैतारण के एक होटल में हुई थी।

प्रेम प्रसंग के चलते राजू की दिव्यांग पत्नी उसे छोडक़र पीहर चली गई थी। राजू ने प्रेमिका को पत्नी के गहने तक दे दिए थे। बाद में लीला की ओर से दो लाख रुपए की मांग किए जाने के बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और राजू ने उसकी हत्या की साजिश रचनी शुरू कर दी। गत 13 मार्च को राजू के बुलाने पर लीला उससे मिलने पहुंची।

राजू उसे बिलाड़ा से करीब 40 किलोमीटर दूर खोखरिया गांव के पास अपने खेत पर ले गया। पुलिस के मुताबिक वहां 14-15 मार्च की रात उसने लीला को शराब पिलाई और लाठी से वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को खेत के किनारे झाडिय़ों में डाल दिया। आरोपी को उम्मीद थी कि सुनसान जगह होने के कारण जंगली जानवर शव को नष्ट कर देंगे।

एक माह बाद दर्ज हुई गुमशुदगी
करीब एक महीने बाद 11 अप्रैल को लीला के पिता कालूसिंह ने ब्यावर के साकेत नगर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने लीला के संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ की। राजू ने बताया कि लीला 15 मार्च को उसके पास आई थी, लेकिन उसके बाद चली गई।

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मृतका का मोबाइल भी 15 मार्च तक सक्रिय मिला,जिससे शुरुआत में पुलिस को उसकी कहानी पर संदेह नहीं हुआ।इसके बाद 11 अगस्त को लीला के बेटे ने अपहरण और हत्या का मामला दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर राजू से दोबारा पूछताछ की। इस बार उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया, लेकिन शव के बारे में पुलिस को लगातार गुमराह करता रहा।

पुलिस को किया लगातार गुमराह
पहले राजू ने बताया कि उसने शव तालाब में फेंक दिया है। पुलिस ने कई घंटे तक रेस्क्यू किया, लेकिन शव नहीं मिला। इसके बाद उसने कहा कि शव को श्मशान घाट में जलती चिता में जला दिया था। पुलिस ने श्मशान की राख में हड्डियां तक तलाशीं, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। फिर आरोपी ने एक परिचित विजयसिंह को 20 हजार रुपए देकर शव ठिकाने लगाने की बात कही,लेकिन जांच में सामने आया कि विजय सिंह की मौत आठ महीने पहले ही हो चुकी थी।

खेत की खुदाई में निकला कंकाल
आखिरकार पुलिस ने मृतका के मोबाइल की लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को जोडक़र जांच आगे बढ़ाई। सामने आया कि वारदात से पहले लीला की लोकेशन खोखरिया गांव की तरफ थी और बाद में मोबाइल पिचियाक में सक्रिय था। इसके आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने आरोपी के खोखरिया स्थित खेत में ट्रैक्टर से खुदाई कराई।

खुदाई के दौरान खेत से मृतका का कंकाल, हड्डियां,बैग और आधार कार्ड बरामद हुए। इसके बाद आरोपी ने पूरी वारदात कबूल कर ली। पुलिस के अनुसार राजू जनवरी-फरवरी से ही हत्या की साजिश रच रहा था और उसने ‘दृश्यम’ फिल्म के दोनों पार्ट कई बार देखकर शव को छिपाने का तरीका समझने की कोशिश की थी।