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गैंगस्टर ने नौ राज्यों की लड़कियों को ऐप से फांस रखा था

  • दो बहनों के अपहरण एवं दुष्कर्म प्रकरण
  • कई संगीन प्रकरण आए है सामने -संत के मर्डर में बताया था हाथ

जोधपुर,शहर में दो बहनों के अपहरण एवं दुष्कर्म के मामले में पकड़ा गया आरोपी हितेंद्र पाल उत्तराखंड का कुख्यात गैंगस्टर है। उस पर कई संगीन मामले दर्ज हैं। यही नहीं हितेंद्र चौंकाने वाला खुलासा भी किया कि उसने ही एके-47 से संत ज्ञानेश्वर का मर्डर किया था। संत का मर्डर 2006 में हुआ था। इधर जब पुलिस ने उसका मोबाइल खंगाला तो और भी हैरान कर देने वाले खुलासे हुए। हितेंद्र ने 9 राज्य की लड़कियों को ऐप के जरिए अपने जाल में फंसा रखा है। उसकी फ्रेंड लिस्ट में करीब सैकड़ों लड़कियां थीं। इन्हीं में से उसने कईयों को शादी का झांसा देकर उनके साथ संबंध बनाए थे। आरोपी फिलहाल छह दिन की पुलिस अभिरक्षा में है।

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आरोपी हितेंद्र ने पूछताछ में बताया कि वह दिव्यांग और साधारण लड़कियों या फिर कम सुंदर दिखने वाली लड़कियों को अपने जाल में फंसाता था। ओला पार्टी फ्रेंडशिप ऐप पर उसने अंश नाम से फर्जी आईडी बना रखी थी। यहां पहले लड़कियों से दोस्ती करता और इसके बाद शादी का झांसा देकर रेप करता था। हर बार वह अपना नाम और पहचान छिपाता था। उसने फर्जी आईडी और दूसरे दस्तावेज के जरिए कई शहरों में फरारी काटी। हितेंद्र लड़कियों को अपने जाल में फंसा कर उनके पैसों से अय्याशी करता था। वह किसी भी शहर में 15-20 दिन से ज्यादा नहीं रहता था। अपनी आईडी व पहचान बदलता रहता था। सोशल मीडिया पर ओला पार्टी एप पर वह खुद को बड़ा बिजनेसमैन बताता था।

इन राज्यों की लड़कियों का फंसाया था

दिल्ली,असम,बिहार,पुणे,महाराष्ट्र्र, राजस्थान में जयपुर जोधपुर, गाजियाबाद,उत्तरप्रदेश,उत्तराखंड के शहरों की लड़कियों को वह अपने जाल में फंसा चुका था। अपराधी इतना शातिर था कि खुद के नाम से कोई सिम या बैंक खाता ऑपरेट नहीं करता था। जिन लड़कियोंं से दोस्ती करता या रिलेशन बनाता था उन्हीं की आईडी से सिम लेता और बैंक खाते खुलवाता था।

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वह खुद को बड़ा बिजनेसमैन बताता था। कई लड़कियोंं को वह बता चुका था कि उसका लकडिय़ों का बड़ा बिजनेस है। लड़कियों को झांसा देता था कि वह उनसे शादी कर लेगा और उनकी हर तरह से मदद करेगा।18 नवंबर को जोधपुर के माता के थान में एक पिता ने दो बेटियों के गायब होने का मामला दर्ज करवाया था। पिता ने बताया कि उनकी बेटियां 16 नवंबर को 3 बजे कहीं चली गईं। जब उन्होंने अपने स्तर पर पड़ताल की तो सामने आया कि उनका किराएदार हितेंद्र पाल लेकर भाग गया है।

ऐसे हुआ था संत ज्ञानेश्वर हत्याकांड

आरोपी ने कहा है कि वह संत ज्ञानेश्वर मर्डर में शामिल था और एके 47 से उसने मर्डर किया था। दरअसल 10 फरवरी 2006 को महाकुंभ से लौटते समय यूपी के हडिय़ा में संत ज्ञानेश्वर के काफिले पर हमला हुआ था। इसमें स्वयं ज्ञानेश्वर,शिष्याएं नीलम, मिथिलेश,पूजा,पुष्पा,गंगा के अलावा ओमप्रकाश तथा रामचंद्र की मौत हो गई थी। इन आठ मौतों के लिए संत के भाई इंद्रदेव ने पूर्व विधायक व प्रमुख को नामजद किया था।

22 साल की उम्र में की पहली हत्या

उत्तराखंड का मोस्ट वांटेड हार्डकोर अपराधी हितेद्र पाल ने पहला मर्डर 22 वर्ष की उम्र में कर दिया था। उत्तराखंड के उधमसिंह नगर के काशीपुर निवासी हितेंद्र पाल गडरिया बैडमिंटन खेलता था। 2003 में काशीपुर स्टेडियम में बैंडमिंटन प्लेयर मनोज तिवारी से विवाद के बाद हत्या कर दी।

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