विचाराधीन बंदी की मौत पर एफआईआर दर्ज
राजस्थान हाईकोर्ट ने दिए थे आदेश
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),विचाराधीन बंदी की मौत पर एफआईआर दर्ज। जोधपुर सेंट्रल जेल में इस वर्ष फरवरी माह में पाली जिला निवासी विचाराधीन बंदी रूपाराम की मौत के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रातानाड़ा थाने में एफआईआर दर्ज हो गई है।
रूपाराम की पत्नी लीला देवी की और रिपोर्ट दर्ज करवाई गई। इस रिपोर्ट में आरोप लगाया गए है कि उसके पति की हत्या जेल प्रशासन की मिलीभगत से वहां रह रहे अन्य बंदियों ने की है।
रिपोर्ट में बताया गया कि जेल से लीला देवी को दो फरवरी को कॉल आया था कि उसके पति की हार्ट अटैक से मौत हुई है। इस मामले को दायर याचिका पर हाल ही में हाईकोर्ट के न्यायाधीश फरजंद अली ने विचाराधीन बंदी रूपाराम की मौत को प्रथम दृष्टया न तो प्राकृतिक माना और न आत्महत्या।
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उन्होंने इस घटना की जांच के लिए 48 घंटे में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। पत्नी की ओर से दी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि जब परिवार मोर्चरी में पहुंचा तो बॉडी पर कई जगह पर चोट के निशान थे। गर्दन के पास धारदार हथियार का भी निशान था, लेकिन तत्कालीन जेलर से लेकर सभी अधिकारी हार्ट अटैक की बात ही करते रहे। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि न्यायिक अधिकारी ने अन्य बंदियों के बयान लेने से पहले उन्हें जेल कर्मियों ने धमकाया था।
मुआवजा और आरपीएस से जांच करने के भी निर्देश
कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार को उसके परिवार को 25 लाख रुपए मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। न्यायाधीश फरजंद अली की एकल पीठ ने अपने आदेश में कहा था कि रूपाराम की मौत जेल प्रशासन और राज्य के नियंत्रण में हुई, इसीलिए प्रशासन अपनी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। हत्या हुई या नहीं और किसी की आपराधिक जिम्मेदारी बनती है या नहीं,इसका फैसला निष्पक्ष व स्वतंत्र जांच से तय होगा। जांच आरपीएस अधिकारी को करनी होगी। इसके तहत जांच एसीपी हरजीराम को दी गई है।
