प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार: असाधारण प्रतिभा वाले बच्चों के लिए नामांकन शुरू
- 31जुलाई अंतिम तिथि
- वीर बाल दिवस पर राष्ट्रपति करेंगी सम्मान
- बहादुरी से विज्ञान तक 6 श्रेणियों में मिलेगा देश का सर्वोच्च बाल पुरस्कार
नई दिल्ली(दूरदृष्टीन्यूज),प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार: असाधारण प्रतिभा वाले बच्चों के लिए नामांकन शुरू। भारत सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2026 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह पुरस्कार 5 से 18 वर्ष की आयु के उन असाधारण बच्चों को दिया जाता है जिन्होंने धैर्य, साहस,सृजनात्मकता और अदम्य जज़्बे का परिचय दिया है।
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राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित
वीर बाल दिवस,26 दिसंबर के अवसर पर राष्ट्रपति द्वारा नई दिल्ली में आयोजित विशेष समारोह में विजेताओं को पदक, प्रमाण-पत्र और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे। यह दिन गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों के बलिदान की स्मृति में मनाया जाता है।
6 क्षेत्रों में दिया जाता है पुरस्कार
1.बहादुरी: जीवन जोखिम में डालकर साहस दिखाने पर
2.समाज सेवा: समुदाय को प्रेरित करने में नेतृत्व पर
3.पर्यावरण: पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय कार्य पर
4.खेल:राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन पर
5.कला एवं संस्कृति: संगीत,नृत्य,चित्रकला आदि में उपलब्धि पर
6.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालने वाले नवाचार पर
कौन कर सकता है आवेदन
-भारतीय नागरिक और भारत का निवासी हो
-31 जुलाई 2026 को उम्र 5 से 18 वर्ष के बीच हो
-उपलब्धि पिछले दो वर्षों में की गई हो
-पहले यह पुरस्कार न मिला हो
स्वनामांकन भी किया जा सकता है। इसके अलावा मंत्री,सांसद,मुख्यमंत्री, राज्यपाल,डीएम,स्कूल आदि भी नामित कर सकते हैं। आवेदन https://awards.gov.in पर 31 जुलाई 2026 तक करना होगा।
2019 से अब तक 203 बच्चों को मिला सम्मान:-
2019 में शुरू होने के बाद से अब तक 203 बच्चों को यह पुरस्कार मिल चुका है। हाल के विजेताओं में अर्नव अनुप्रिया महर्षि शामिल हैं जिन्होंने एआई आधारित पुनर्वास उपकरण बनाया। करीना थापा ने आग से 36 लोगों की जान बचाई। आदित्य ब्रम्हाणे को नदी में डूबते भाइयों को बचाते हुए जान गंवाने पर मरणोपरांत सम्मान मिला। अनुष्का जॉली ने एंटी-बुलिंग ऐप ‘कवच’ बनाया। अवनीश तिवारी ने डाउन सिंड्रोम के बावजूद एवरेस्ट बेस कैंप तक ट्रेक किया।
यात्रा,आवास का खर्च सरकार उठाएगी
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय विजेता और दो अभिभावकों के आने-जाने,रहने-खाने का खर्च उठाता है। दिव्यांग विजेताओं को बिजनेस क्लास टिकट मिल सकता है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री की अध्यक्षता वाली समिति विजेताओं का चयन करती है। यह पुरस्कार राष्ट्र के भविष्य को सम्मानित करने का प्रयास है। यदि आप किसी असाधारण बच्चे को जानते हैं तो https://awards.gov.in पर नामांकित करें।
